राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने निजी विद्यालयों को अपने आरटीई पोर्टल पर शिक्षा विभाग राज्य कार्यालय द्वारा प्रदर्शित सूची के अनुसार शत प्रतिशत प्रवेश की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में उन्होंने कहा है कि आदेश का पालन नहीं करने पर मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
जारी आदेश में कलेक्टर ने कहा है जिले में संचालित समस्त निजी विद्यालयों के 25 प्रतिशत आरक्षित सीट पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12 (1) के तहत वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बालकों का नि:शुल्क प्रवेश हेतु राज्य कार्यालय से माह अगस्त 2020 को संपन्न ऑनलाईन लॉटरी द्वारा बच्चों का चयन उपरांत संबंधित निजी विद्यालय के आरटीई पोर्टल पर प्रवेश की कार्रवाई हेतु चयनित बालकों की सूची प्रदर्शित हो रही है। परन्तु यह अत्यंत खेदजनक है कि बार-बार निर्देशित किए जाने के बाद भी विद्यालयों द्वारा ऑनलाईन एडमिटेड की कार्रवाई नहीं की गई है। कार्यालयीन आदेश एवं निर्देश की अवमानना, शिक्षा का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण योजना के पालन में उदासीनता, छात्रहित की योजनाओं पर कुठाराघात, वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बालकों का अहित करने संबंधी कृत का दोषी मानते हुए विद्यालयों को प्रदान की गई मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई छत्तीसगढ़ नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम 2010 भाग पंाच (16) में उल्लेखित रीति अनुसार प्रारंभ की जाएगी। जिसके लिए समग्र रूप से आप जिम्मेदार होंगे।