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महिला एवं बाल विकास विभाग ने रोका बाल विवाह

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बेमेतरा / शौर्यपथ / बेमेतरा जिले के विकासखण्ड बेरला के ग्राम अतरगढी के एक परिवार मे 16 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह ग्राम बावनलाख के 19 वर्षीय युवक के साथ किये जाने की सूचना पर जिला महिला एवं बाल विकास के परियोजना अधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी विद्यानंद बोरकर के निर्देश व जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में विभाग की टीम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्थानीय ग्राम संरपंच व कोटावार तथा प्रबुद्ध नागरीको की सहायता से उन बालक व बालिका के निवास स्थान पर पहुॅचे, वर-वधु पक्ष को समझाईस दी गई जिस पर उनके द्वारा सहर्ष ही बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत ही विवाह किये जाने हेतु अपनी सहमति प्रदान की तथा बारात वापस ले जाने की बात कही गई, बालिका के परिजनों ने कहा कि हमें यह ज्ञात नहीं था कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह गैर कानूनी है।
अधिकारियों द्वारा समझाईस दिये जाने पर उन्होने उक्त बालिका का विवाह 18 वर्ष के उपरांत किये जाने की शपथपूर्वक कथन किया तथा उन्हे बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 में उल्लेखित प्रावधानों के बारे में बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका व 21 वर्ष से कम आयु का बालक का विवाह करना या करवाना अपराध है, जो भी व्यक्ति ऐसा करता या कराता है या विवाह में सहयोग प्रदान करता है,तो उसे भी 02 वर्ष तक कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रू. तक हो सकता है अथवा दोनो से दण्डित किया जा सकता है।

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शौर्यपथ

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