₹8.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 20.65 लाख ग्रामीण आवास और 26.57 लाख किसानों को सम्मान निधि का लाभ; पूर्व अग्निवीरों के लिए 36 आरक्षक पदों पर भर्ती मंजूर, आदिम जाति विकास विभाग अब कहलाएगा जनजातीय कार्य विभाग
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष पूर्ण होने पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय की भावना से जुड़ी ऐतिहासिक कर्मयात्रा बताया। मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लिए गए प्रमुख राष्ट्रीय निर्णयों का अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घ राष्ट्रसेवा की कामना की। साथ ही केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को मिले सहयोग के लिए आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान शुरू हुए तकनीक आधारित प्रशासन और सुशासन के प्रयोगों से देश के अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिली। छत्तीसगढ़ में पीएम गतिशक्ति के तहत लगभग 20 हजार गांवों में से 14 हजार गांवों का जियो-रेफरेंसिंग कार्य पूरा हुआ है। राज्य में 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 और सिंगल विंडो व्यवस्था से औद्योगिक अनुमतियां सरल हुई हैं। सरकार के अनुसार, प्रदेश को ₹8.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
गरीब कल्याण और किसानों को आर्थिक संबल
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख आवास पूर्ण होने की जानकारी दी गई। स्वच्छ भारत मिशन में 36 लाख घरेलू शौचालय बने हैं, जबकि उज्ज्वला योजना के तहत 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिले हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग ₹11,877 करोड़ का निःशुल्क उपचार मिलने की जानकारी दी गई।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना से प्रदेश के 73 लाख परिवारों यानी करीब 1.99 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ 26.57 लाख किसानों तक पहुंचा है। सरकार के अनुसार, धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन हुआ है। किसानों को समर्थन मूल्य के माध्यम से ₹33,431 करोड़ और बोनस के रूप में ₹10,292 करोड़ का भुगतान किया गया है।
महिलाओं, युवाओं और जनजातीय समाज पर जोर
महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की सहायता दी जा रही है। ‘लखपति दीदी’ पहल में 14 लाख महिलाओं की उपलब्धि का उल्लेख किया गया। बिहान योजना से 32.39 लाख ग्रामीण परिवार स्व-सहायता समूहों से जुड़े हैं। खेलो इंडिया के तहत आठ जिलों के लिए ₹48 करोड़ की सहायता और 33 मिनी सेंटर स्वीकृत हुए हैं।
जनजातीय क्षेत्रों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 6,000 से अधिक गांवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजातियों के 56 हजार से अधिक परिवारों तक आवास, सड़क और पेयजल सुविधाएं पहुंचाने की जानकारी दी गई। प्रदेश के 26 जिलों में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं।
बस्तर में शांति और अधोसंरचना विकास का दावा
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए 31 मार्च 2026 को नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति की उपलब्धि का उल्लेख किया। नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र से ₹2,080 करोड़ की विशेष सहायता और नक्सल पीड़ित परिवारों तथा आत्मसमर्पित कैडरों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत होने की जानकारी दी गई।
सरकार के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में 267 सड़कें और आठ पुल पूरे किए गए हैं। हिंसा के कारण वर्षों से बंद 421 स्कूल फिर से खोले गए हैं। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना से दुर्गम गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन जैसी सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
सड़क, रेल, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी को गति
राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए ₹35,766 करोड़ स्वीकृत होने और ₹18,215 करोड़ की 37 परियोजनाओं पर काम जारी रहने की जानकारी दी गई। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग और रायपुर-दुर्ग बायपास प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं। रेल क्षेत्र में करीब ₹54 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1.16 लाख से अधिक घरों में सौर संयंत्र स्थापित किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों के हिस्से के रूप में ₹3,46,806 करोड़ मिले, जबकि 2004 से 2014 के दशक में यह राशि ₹47,100 करोड़ थी। जिला खनिज न्यास के माध्यम से ₹17,887 करोड़ मिलने और 81 हजार से अधिक विकास कार्य किए जाने की जानकारी भी दी गई।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख
मंत्रिपरिषद ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर, वन रैंक वन पेंशन और नए आपराधिक कानूनों जैसे निर्णयों का उल्लेख किया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम तथा छत्तीसगढ़ में धार्मिक और जनजातीय पर्यटन स्थलों के विकास को सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है। सरकार का संकल्प विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदारी करना है।
कैबिनेट के दो अहम फैसले
पूर्व अग्निवीरों के लिए 36 आरक्षक पदों पर भर्ती: मंत्रिपरिषद ने गृह विभाग में उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध पूर्व अग्निवीरों के लिए 36 आरक्षक पदों पर भर्ती की अनुमति दी। इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए पहले ही 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान किया जा चुका है।
विभाग का नाम बदलेगा: मंत्रिपरिषद ने शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा।