October 13, 2026
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    बांकी मोंगरा नगर पालिका में खरीदी प्रक्रिया पर उठे सवाल, क्या नियमों के तहत ली गई प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति?

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    करदाताओं के पैसे से हुई खरीदी का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग, परिषद के प्रस्ताव से लेकर उच्च अधिकारियों की मंजूरी तक की जांच जरूरी

    कोरबा/बांकी मोंगरा। बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद में विभिन्न सामग्रियों की खरीदी को लेकर अब प्रक्रिया और नियमों के पालन से जुड़े सवाल उठने लगे हैं। नगर पालिका द्वारा अलग-अलग मदों में की गई खरीदी से पहले क्या निर्धारित नियमों का पालन किया गया? क्या संबंधित खरीदी के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त की गई थी? क्या नगर पालिका परिषद में विधिवत प्रस्ताव पारित किए गए थे? और जिन मामलों में उच्च अधिकारियों की अनुमति आवश्यक थी, क्या वहां नियमानुसार अनुमोदन लिया गया?

    ये ऐसे महत्वपूर्ण सवाल हैं, जिनका जवाब संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही सामने आ सकता है। नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की जिम्मेदारी है कि निकाय में होने वाले वित्तीय लेन-देन और खरीदी की प्रक्रिया लागू नियमों, स्वीकृत बजट तथा निर्धारित वित्तीय अधिकारों के अनुरूप संचालित हो।

    खरीदी से पहले नियमों का पालन हुआ या नहीं?

    नगर पालिका परिषद द्वारा कार्यालयीन उपयोग, नागरिक सुविधाओं, विकास कार्यों और अन्य आवश्यकताओं के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्रियों की खरीदी की जाती है। लेकिन सार्वजनिक धन से होने वाली खरीदी केवल आवश्यकता के आधार पर ही नहीं, बल्कि निर्धारित वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुसार भी होनी चाहिए।

    ऐसे में यह जांच का विषय है कि बांकी मोंगरा नगर पालिका में अब तक हुई खरीदी के दौरान संबंधित नियमों का पालन किया गया या नहीं। क्या खरीदी की आवश्यकता दर्ज की गई थी? क्या सक्षम अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त की गई? क्या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कोटेशन, निविदा अथवा अन्य लागू खरीद प्रक्रिया अपनाई गई? क्या सामग्री की आपूर्ति, गुणवत्ता और भुगतान से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं?

    इन सवालों का जवाब खरीदी से संबंधित फाइलों, स्वीकृति आदेशों, बिलों, भुगतान अभिलेखों और स्टॉक रजिस्टर की जांच से मिल सकता है।

    क्या परिषद से प्रस्ताव पारित कराया गया?

    नगर पालिका में होने वाले प्रत्येक खर्च के लिए परिषद का प्रस्ताव अनिवार्य है या नहीं, यह खरीदी की प्रकृति, लागू नियमों और संबंधित वित्तीय अधिकारों पर निर्भर करता है। इसलिए सभी खरीदी के मामलों में एक ही नियम लागू मानना उचित नहीं होगा।

    हालांकि, जिन मामलों में परिषद की स्वीकृति या प्रस्ताव आवश्यक है, वहां यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्ताव विधिवत पारित हुआ था या नहीं। यदि किसी खरीदी के लिए परिषद की मंजूरी आवश्यक थी, तो संबंधित प्रस्ताव की प्रति, बैठक की कार्यवाही और स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए।

    सवाल यह भी है कि नगर पालिका में हुई खरीदी का विवरण परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया था या नहीं तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों को खर्च की जानकारी उपलब्ध कराई गई थी या नहीं।

    प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की क्या है भूमिका?

    किसी कार्य या खरीदी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी आवश्यकता, लागत, बजट में उपलब्ध राशि और सक्षम प्राधिकारी के अधिकारों की जांच महत्वपूर्ण होती है।

    प्रशासनिक स्वीकृति के माध्यम से प्रस्तावित कार्य या खरीदी की आवश्यकता को मंजूरी दी जाती है, जबकि वित्तीय स्वीकृति का संबंध निर्धारित लागत और धनराशि खर्च करने की अनुमति से होता है। हालांकि, इन स्वीकृतियों का स्वरूप और आवश्यकता संबंधित खरीदी तथा लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

    बांकी मोंगरा नगर पालिका में हुई खरीदी के संबंध में यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित मामलों में आवश्यक स्वीकृतियां किस अधिकारी ने दीं, स्वीकृति की तारीख क्या थी, राशि किस मद से खर्च की गई और भुगतान किस प्रक्रिया के तहत किया गया।

    यदि किसी मामले में आवश्यक स्वीकृति के बिना खर्च किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियमों के अनुसार उसकी जांच और जवाबदेही तय करने का प्रश्न उठ सकता है।

    क्या टैक्स और राजस्व की राशि से खरीदी की जा सकती है?

    नगर पालिका को संपत्ति कर, अन्य करों, शुल्कों, अनुदानों और विभिन्न राजस्व स्रोतों से धन प्राप्त होता है। इस राशि का उपयोग निकाय के वैध दायित्वों, नागरिक सुविधाओं और स्वीकृत विकास कार्यों सहित अन्य अनुमत उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।

    लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि राजस्व की राशि किसी भी वस्तु की खरीदी में मनमाने ढंग से खर्च की जा सकती है। खर्च का उद्देश्य, बजट प्रावधान, संबंधित मद में राशि की उपलब्धता, सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी और खरीदी के लिए लागू नियमों का पालन आवश्यक है।

    इसलिए मुख्य सवाल यह है कि बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद ने अब तक जो भी खरीदी की है, वह किस मद से की गई? क्या उस मद में पर्याप्त बजट उपलब्ध था? क्या राशि स्वीकृत उद्देश्य के अनुरूप खर्च की गई? और क्या प्रत्येक भुगतान के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं?

    इन बिंदुओं की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सार्वजनिक धन का उपयोग निर्धारित प्रावधानों के अनुसार हुआ है या नहीं।

    उच्च अधिकारियों से अनुमोदन लिया गया या नहीं?

    कुछ मामलों में राशि, खरीदी की प्रकृति अथवा लागू नियमों के आधार पर उच्च अधिकारी या अन्य सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी आवश्यक हो सकती है। ऐसे मामलों में यह जांच जरूरी है कि संबंधित अधिकारी से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुमोदन प्राप्त किया गया था या नहीं।

    इसके लिए नगर पालिका की खरीदी फाइलों, स्वीकृति आदेशों, निविदा संबंधी दस्तावेजों, कार्यादेशों और भुगतान अभिलेखों का परीक्षण किया जाना चाहिए।

    यदि किसी खरीदी में उच्च अधिकारी की मंजूरी आवश्यक थी, तो उसका आदेश रिकॉर्ड में उपलब्ध होना चाहिए। वहीं, यदि संबंधित अधिकारी को अपने अधिकारों के तहत मंजूरी देने का अधिकार था, तो उस स्थिति में अनावश्यक रूप से उच्च स्तरीय अनुमोदन न होने को अपने आप अनियमितता नहीं माना जा सकता।

    जांच में किन दस्तावेजों को खंगालना जरूरी?

    बांकी मोंगरा नगर पालिका में खरीदी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच के लिए निम्नलिखित अभिलेख महत्वपूर्ण हो सकते हैं:

    1. खरीदी से संबंधित प्रस्ताव एवं आवश्यकता का विवरण।
    2. लागू नियमों के अनुसार प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति।
    3. परिषद की बैठक की कार्यवाही और संबंधित प्रस्तावों की प्रतियां, जहां आवश्यक हों।
    4. कोटेशन, निविदा, तुलनात्मक पत्रक और चयन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज।
    5. सामग्री आपूर्ति के बिल, स्टॉक रजिस्टर और भुगतान की जानकारी।
    6. बजट प्रावधान तथा जिस मद से राशि खर्च की गई, उसका विवरण।
    7. संबंधित अधिकारियों के स्वीकृति आदेश और निरीक्षण रिपोर्ट।
    8. उच्च अधिकारियों से प्राप्त अनुमोदन, जहां ऐसा अनुमोदन अनिवार्य हो।

    इन दस्तावेजों की जांच से खरीदी की वास्तविक प्रक्रिया और वित्तीय जवाबदेही का आकलन किया जा सकता है।

    पारदर्शिता के लिए सामने आना चाहिए पूरा हिसाब

    नगर पालिका में खर्च होने वाली राशि अंततः सार्वजनिक धन का हिस्सा होती है। इसलिए नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि उनके क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। हालांकि, किसी विशेष खरीदी में अनियमितता हुई है या नहीं, इसका निष्कर्ष दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

    अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद की विभिन्न खरीदी से संबंधित अभिलेखों की जांच कौन करेगा? क्या संबंधित अधिकारी खरीदी प्रक्रिया और स्वीकृतियों की स्थिति स्पष्ट करेंगे? क्या जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक परीक्षण कराया जाएगा?

    फिलहाल, खरीदी में अनियमितता की पुष्टि करने वाले दस्तावेज सामने आए बिना किसी अधिकारी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। लेकिन सार्वजनिक धन से हुई खरीदी के नियमों, स्वीकृतियों और भुगतान की पारदर्शी जांच की मांग जरूर महत्वपूर्ण है। संबंधित नगर पालिका प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

     

    1. राजपत्र और अधिनियम में इसका क्या प्रावधान है?

    नगर पालिका निधि (Municipal Fund) का उपयोगः छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 86 और 87 के तहत, नगर पालिका द्वारा वसूले गए सभी टैक्स (संपत्ति कर, जल कर, उपभोक्ता शुल्क आदि) "नगर पालिका निधि" में जमा होते हैं। अधिनियम के अनुसार, इस निधि का उपयोग शहर की सार्वजनिक स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (कचरा उठाने हेतु ट्रैक्टर-ट्रॉली) और जल प्रदाय (वॉटर टैंकर) जैसे आवश्यक नागरिक कर्तव्यों के लिए वाहन व उपकरण खरीदने में किया जा सकता है।

    भण्डार क्रय नियम (Store Purchase Rules) की अनिवार्यताः टैक्स के पैसे से यह खरीदी करने के लिए परिषद को "छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम, 2002 (यथा संशोधित 11 जुलाई 2024)" का कड़ाई से पालन करना होता है. इस राजपत्रित नियम के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली या टैंकर की कीमत लाखों में होती है, इसलिए परिषद सीधे नगद या बिना निविदा के इसे नहीं खरीद सकती। इसके लिए GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल या ई-प्रोक्योरमेंट के माध्यम से खुली निविदा (Open Tender)

    2. खरीदी के लिए राजपत्र के मुख्य नियम एवं प्रक्रिया

    टैक्स के पैसों से ट्रैक्टर-ट्रॉली या टैंकर खरीदने के लिए नगर पालिका परिषद को इन राजपत्रित चरणों से गुजरना होता है:

    1. PIC एवं परिषद की स्वीकृतिः सबसे पहले 'प्रेसिडेंट-इन-

    काउंसिल' (PIC) और नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा में इस वाहन की आवश्यकता और टैक्स बजट से इसके भुगतान का प्रस्ताव पारित होना चाहिए।

    2. प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतिः परिषद द्वारा प्रस्ताव पारित

    होने के बाद, सक्षम प्राधिकारी (जैसे नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक या संचालक) से इसकी प्रशासनिक (Administrative Approval) और वित्तीय स्वीकृति ली जाती है।

    3. GeM पोर्टल या ई-टेंडर: स्वीकृत भण्डार क्रय नियमों के

    अनुसार, ₹2.5 लाख से अधिक की किसी भी वाहन खरीदी के लिए Government e-Marketplace (GeM) के जरिए ही पारदर्शी पारचेज ऑर्डर जारी करना होता है।

    हेतु वार्ड पार्षद के द्वारा प्रस्तुत आवेदन के संबंध में विचार।

    06. जेम पोर्टल के माध्यम से निकाय के कर्मचारियों तथा स्वच्छता दीदीयों हेतु 208 नग रैनकोट कय प्राप्त न्युनतम दर 236004.00 रू. फर्म निखिल ट्रेडिंग की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।

    09. जेम पोर्टल के माध्यम से निकाय के कर्मचारियों तथा स्वच्छता दीदीयों हेतु 208 नग जूता कय प्राप्त न्युनतम दर 180000.00 रू. फर्म अंजानेया सेल्स, रायपुर की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।

    10. जेम पोर्टल के माध्यम से 01 नग फिकल स्लज वैक्यूम एम्पीटियर मशीन कय हेतु प्राप्त न्युनतम दर 499999.00 रू. फर्म अंजानेया सेल्स, रायपुर की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।

    11. जेम पोर्टल के माध्यम से 01 नग फोर कटिंग मशीन कय हेतु प्राप्त न्युनतम दर 149980.00 रू. फर्म अंजानेया सेल्स, रायपुर की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।

    12. जेम पोर्टल के माध्यम से 34 नग आयरन बेंच कय हेतु प्राप्त न्युनतम दर 411600.00 रू. फर्म निखिल ट्रेडिंग की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।

    13. जेम पोर्टल के माध्यम से 01 नग हॉपर टीप्पर वाहन कय जलशाखा हेतु प्राप्त न्युनतम दर 1295000.00 रू. फर्म एम. के. इंटरप्राईजेस की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।

    14. जेम पोर्टल के माध्यम से 10 नग मैनुअल रिक्शा कय स्वच्छता शाखा हेतु प्राप्त न्युनतम दर 523000.00 रू. फर्म एम. के. इंटरप्राईजेस की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।

    15. जेम पोर्टल के माध्यम से 10 नग मैनुअल रिक्शा कय स्वच्छता शाखा हेतु प्राप्त न्युनतम दर 288000.00 रु. फर्म श्री सालासार इंटरप्राईजेस की स्वीकृति बाबत् विचार एवं निर्णय।

    16. विधायक निधि से वार्ड क्र 20 न.पा.प. बांकीमोंगरा में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिये छोटे भवन एवं चौपाल (चबुतरा निर्माण) कार्य, लागत राशि 8.54 लाख हेतु प्राप्त न्युनतम दर की स्वीकृति विचार एवं निर्णय।

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