बैंक ऑफ बड़ौदा ने पेंशनभोगियों को दी फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा की जानकारी, 1 से 30 नवंबर तक चल रहा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान
दुर्ग, शौर्यपथ। पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए अब बैंक या सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। स्मार्टफोन के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग कर घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जा सकेगा। इस सुविधा को लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा की भिलाई सिविक सेंटर शाखा में पेंशनभोगियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, नई दिल्ली के अवर सचिव प्रवेश कुमार ने 2 नवंबर को शाखा का दौरा कर राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के अंतर्गत संचालित जागरूकता गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान पेंशनभोगियों को फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया और इसके उपयोग की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस तकनीक के जरिए पेंशनभोगी अपने स्मार्टफोन से चेहरे की पहचान के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार कर जमा कर सकते हैं। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग और ऐसे पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे, जिन्हें शारीरिक असुविधा या अन्य कारणों से बैंक तक पहुंचने में परेशानी होती है। इस डिजिटल सुविधा से समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य पेंशनभोगियों को डिजिटल तकनीक के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा से जोड़ना और उन्हें इसकी प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा, रायपुर अंचल कार्यालय के सहायक महाप्रबंधक मधुसूदन कुमार एम., दुर्ग क्षेत्र के क्षेत्रीय वित्तीय समावेशन प्रभारी जीतू सिंह तोमर, भिलाई शाखा की अधिकारी एयरो फिलिसीटा सहित बैंक के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।