- धान खरीदी और राजस्व प्रकरणों के संबंध में दिए निर्देश
- पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष हुई अधिक धान की खरीदी : कलेक्टर
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी तथा राजस्व प्रकरणों के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष अधिक धान की खरीदी हुई है। लगभग 92 प्रतिशत किसानों ने धान का विक्रय कर दिया है। वर्तमान में कम संख्या में किसान धान बेचने के लिए शेष हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के शेष दिनों में बचे हुए वास्तविक किसानों के धान की खरीदी होनी चाहिए। राजस्व तथा खाद्य अधिकारी किसानों के पास उपलब्ध धान की मानिटरिंग करें। किसानों का जितना टोकन काटा गया है, उतने ही धान की उपलब्धता हो यह सुनिश्चित किया जाए। धान खरीदी केन्द्र में कोचिए या अन्य व्यापारियों द्वारा धान न खपाया जाए, इस पर कड़ी निगरानी रखी जाए। जिन धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचने के लिए अधिक किसान बचे हैं, वहां दिनों के अनुपात में टोकन जारी करें। जिससे समय पर सभी किसानों के धान की खरीदी पूरा हो सके। खरीदी केन्द्र में तौलने वाले श्रमिक, स्थल और बारदानों की व्यवस्था बनाए रखें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी समाप्ति की ओर है और जो किसानों तकनीकी कारणों से धान विक्रय करने से रह गए हैं। उनकी समस्या का समाधान करके पूरे धान की खरीदी की जाए।
कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने राजस्व अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा कर इसे गंभीरता से लेते हुए लंबित प्रकरणों को जल्दी ही पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का सुनवाई कर जल्दी ही निपटारा करें। सभी राजस्व अधिकारी कार्यों में गंभीरता लेते हुए कार्य करें। इसमें लापरवाही करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डायवर्सन वसूली की समीक्षा करते हुए कहा कि जमीन खरीदने या बेचने से पहले डायवर्सन राशि का पूरा बकाया जमा किया जाए, उसके बाद ही क्रय-विक्रय की प्रक्रिया की जाए।
बैठक में नजूल भू-भाटक की वसूली की जानकारी, व्यपवर्तन भू-भाटक वसूली की जानकारी, अविवादित, विवादित नामांतरण प्रकरणों के निराकरण की जानकारी, अविवादित, विवादित बंटवारा प्रकरणों के निराकरण की जानकारी, सीमांकन प्रकरणों के निराकरण की जानकारी, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत एवं दुर्घटना में प्रभावित व्यक्तियों को अनुदान सहायता राशि का भुगतान, रबी फसल की गिरदावरी, ओलावृष्टि, असामयिक वर्षा से हुई फसल की क्षति का सहायता अनुदान, मुख्यमंत्री सहायता कोष में दी गई राशि का भुगतान, नवीन राजस्व ग्राम निर्माण की प्रगति, मसाहती एवं असर्वेड ग्रामों का अभिलेख निर्माण तथा वन अधिकार पत्र, पूर्व अर्जन राशि का भुगतान, लोक सेवा गारंटी की स्थिति की जानकारी, ई-कोर्ट में लंबित प्रकरण के संबंध में विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, एसडीएम मुकेश रावटे सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड स्तरीय राजस्व अधिकारी जुड़े रहे।