नवागढ़ / शौर्यपथ / नवागढ़ में सम्पन्न हुए श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह को संबोधित करते हुए प्रवचन कर्ता पं. सूर्यभान चौबे (पंडरभट्ठा वाले) ने कहा कि मनुष्य के मरने के बाद दो चीजें साथ जाती है, यश और अपयश। अतः हम अपना जीवन दूसरों की भलाई एवं यश अर्जित करने में समर्पित करना चाहिए। यदि हम किसी का भला चाहते है तो हमारे साथ भलाई ही होगी और यदि किसी का बुरा सोचते है, तो हमारे साथ बुरा ही होगा। अतः पाजिटिव सोच रखें। अपनी कथा के दौरान उन्होंने कहा कि गरीब और असहाय मानव की सेवा करें, गौ-माता की रक्षा करें। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में अर्जुन को जो उपदेश दिया है, धर्म के मार्ग पर चलने, मोह का त्याग करने, दूसरों की भलाई करने की शिक्षा दी है।
गीता में श्री कृष्ण ने कहा है कि जब-जब धरती में अन्याय एवं अत्याचार बढ़ेगा, तब-तब मैं पापियों का संहार करने जन्म लूंगा। व्यासपीठ पर विराजित सूर्यभान चौबे ने नवागढ़ के सिविल लाईन रामनगर मे आयोजित भागवत यज्ञ में प्रतिदिन श्रोता वृन्द को सद्मार्ग में चलने की बात अपने प्रवचन के दौरान बतायी। उन्होंने कहा कि हम अपनी क्षमता अनुसार समय-समय पर समाज के विकास के लिए दान आदि कर अस्पताल, धर्मशाला, स्कूल आदि बनाने के लिए मदद भी करनी चाहिए। इससे लोगों का भला ही होगा।
ज्ञात हो कि मोहतरा (गाड़मोर) के निवासी ओमकार साहू एवं श्रीमती नीता साहू के परिवार द्वारा यह आयोजन किया गया। अंतिम दिवस की कथा श्रवण करने भाजपा जिला महामंत्री विकास धर दीवान, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष देवादास चतुर्वेदी, मण्डल अध्यक्ष चन्द्रपाल साहू, महामंत्री मिन्टू बिसेन, दिलीप साहू, रामसागर साहू,तनु दीवान,दूजे साहू आदि उपस्थित रहे।