० लोकसभा में सांसद संतोष पाण्डेय ने उठाया मुद्दा
० अवैध तस्करों व उत्खनन करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई : पाण्डेय
राजनांदगांव / शौर्यपथ / लोकसभा सत्र के दौरान राजनांदगांव जिले के सांसद संतोष पाण्डेय ने अपने संसदीय क्षेत्र अंतर्गत मोहला-मानपुर एवं चौकी में रहे अवैध उत्खनन और सागौन तस्करी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन में अवैध उत्खनन करने वाले तथा सागौन की अवैध तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
सांसद संतोष पाण्डेय ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव जिले के वनांचल व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र मानपुर मोहला व चौकी में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की धज्जियां उड़ाते हुए बेतहासा अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन खराब हो रहा है और खतरे में है। अवैध रेत उत्खनन की स्थिति यह है कि विकासखंड मानपुर अंतर्गत ग्राम तोलुम व नवागांव में नदी की दिशा ही बदल गई है और रेत माफिया बेधड़क अवैध उत्खनन कर रहें हैं।
सांसद संतोष पाण्डेय ने आगे कहा कि बिना रॉयल्टी पर्ची के अवैध उत्खनन किया जा रहा है जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये का आर्थिक आघात हो रहा है। वहीं अवैध रूप से जंगलों को काटकर सागौन व इमारती लकड़ियों की तस्करी महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश में किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। इस वजह से नदी की सीमाओं से लगे खेतों के क्षरण से आदिवासी किसानों की फसल उपजाऊ नहीं हो रही है और उन्हें आर्थिक व मानसिक रूप से परेशानी हो रही है, जिसके विरोध पिछले दो वर्षों से ग्रामीणों द्वारा लगातार किया जा रहा है।
सांसद संतोष पाण्डेय ने इस विषय में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन व तस्करों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इन लोगों पर सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करना राज्य सरकार की भूमिका पर सवालिया निशान खड़ा करती है। इन तस्करों व रेत माफियाओं को सरकार द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है, जिसकी वजह से उनके हौसले इतने बुलंद है कि वे प्रशासन के नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए बेखौफ होकर नदियों से अवैध रेत व जंगलों को काटकर बेशकीमती सागौन व इमारती लकड़ियों की तस्करी कर रहे हैं। इन लोगों की वजह से क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन लगातार बिगड़ता जा रहा है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुँच रहा है, इसलिए इस प्रकार के कार्यों में संलिप्त लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।