नवागढ़ / शौर्यपथ / बीते तीन दिनों से मौसम के बदले तेवर और मध्य रात्रि बारिश के बाद बुधवार को दिनभर से बदली के बीच अचानक बारिश शुरू हो गई। नवागढ़ शाखा अंतर्गत मंडी परिसरो में खुले आसमान के नीचे खरीदी किये हुए धान के ढेर लगे हुए थे। बारिश से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मंडी में कार्यरत कर्मचारी व रेजा ने धान के ढेर को पॉलीथिन एवं बोरों से ढंककर सुरक्षित किया लेकिन आंधी तूफान में धान के ढेर में नमी आ गई, डेनेज से भी बचाव नही हो पाया। समिति प्रबंधकों की सिर में चिंता की लकीरें स्पष्ठ नज़र आ रही है।
उल्लेखनीय है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग जिला बेमेतरा के शाखा नवागढ़ अंतर्गत 12 मंडियों में इस वर्ष कुल 6,07,541.20 क्विंटल धान की खरीदी की गई, जिसमें से अबतक महज 3,36,148.80 धान का ही परिवहन हो पाया है जबकि अभी भी शाखा के मंडियों में 2,71,392.40 क्विंटल धान परिवहन की धीमी रफ्तार के चले डंप पड़े हुए है। बुधवार को हुई बारिश से इन धान के खराब होने की आशंका जताई जा रही है, जिसका नुकसान सम्बंधित समिति को भुगतना होगा । चूंकि 31 जनवरी से धान खरीदी पूर्ण हो चुकी है, 18 दिन बीत जाने के बाद भी समितियों में इनता धान का डंप होना अनेक सवालों को उठता है आलम तो यह है कि धान के उठाव के लिए अभी तक टीओ एवं डीओ तक जारी नही हुआ है।
डंप धान की स्थिति को देखे तो नवागढ़ मंडी में 47,098 क्विंटल,नेवशा में 21,412 क्विंटल, मुरता में 33,061 क्विंटल, बोरतरा में 22,474 क्विंटल, झाल में 17,928 क्विंटल, रनबोड में 32,578 क्विंटल, प्रतापपुर में 12,793 क्विंटल, हाथाडाडु में 18,170 क्विंटल, अँधियारखोर में 23,451 क्विंटल, छिरहा में 9906 क्विंटल, जंगलपुर में 9706 क्विंटल एवं मजगांव में 22,811 क्विंटल धान अब तक मंडियों में पड़े हुए है। परिवहन में हो रही लापरवाही से एक बात स्पष्ठ है कि धान को नुकसान होगा।
ज्ञात हो कि नवागढ़ शाखा के किसी भी समिति के सेविंग सभा में राशि नही है, न ही विभाग द्वारा राशि रिलीज किया गया है। आलम तो यह है कि अभी तक धान खरीदी के समय के कर्मचारियों, प्लास्टिक एवं भूसी के खर्च का भुगतान नही हो पाया है। ऐसे में मौसम की मार फिर राशि नही होने से समिति धान का बचाव कैसे करेगी। उच्च अधिकारियों से समिति को केवल आश्वाशन ही दिया जा रहा है।
"परिवहन की सुस्ती का नुकसान समिति को उठाना पड़ रहा है, बारिश में दिनभर मंडियों के कर्मचारी प्लास्टिक लगाते एवं नाली बनाते रहे। यदि धान का जल्द परिवहन नही किया गया तो बड़ी मात्रा में धान को नुकसान होगा।"
नरेन्द्र सिंह ठाकुर
प्रभारी पर्यवेक्षक नवागढ़ शाखा