रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे नवाचारों पर बल दिया जिससे संकट काल में भी बच्चांे का नाता पढ़ाई से जुड़ा रहा, साथ ही उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए निरंतरता बनाए रखने में कोई कठिनाई नहीं आई। ‘पढ़ाई तुंहर दुआर’, ‘पढ़ाई तुंहर पारा’ कार्यक्रमांे के तहत ऑनलाइन कक्षा, मोहल्ला कक्षा, लाउडस्पीकर स्कूल, बूलटू के बोल आदि तरीकों से 25 लाख बच्चों को लाभ मिला जिसकी तारीफ नीति आयोग से लेकर माननीय प्रधानमंत्री जी तक ने की है। इसी दौरान सभी जिलों में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शुरू करने का निर्णय लिया गया और प्रथम वर्ष में 52 सरकारी विद्यालयों का उन्नयन नई सुविधाओं के साथ किया गया है, जिसमें 31 हजार से अधिक बच्चों ने प्रवेश लिया है।
सुश्री उइके ने कहा कि ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ के तहत बारहवीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने के मामले में मेरी सरकार देश में अव्वल रही है, जिससे लगभग 3 लाख से अधिक बच्चों का स्कूलों में प्रवेश हुआ है। स्थानीय बोली-भाषा में पाठ्य पुस्तकों की सुविधा 35 लाख बच्चों तक पहुंची है। भारत के गौरवशाली संविधान की जानकारी बच्चों को सरल पुस्तिका के रूप में सुलभ कराई जा रही है, ताकि वे अपने संविधान की आत्मा और भावना से जुड़कर आदर्श नागरिक के रूप में विकसित हो सकें।
उच्च शिक्षा की सुविधाएं बढ़ाने विभिन्न प्रयास
राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा की सुविधाएं ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुंचाने के लिए मेरी सरकार ने विभिन्न महाविद्यालयों में एक वर्ष में 4 हजार से अधिक सीटों की वृद्धि की है। बिलासपुर विश्वविद्यालय के विस्तृत क्षेत्रफल और दूरी को देखते हुए रायगढ़ में शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय की स्थापना, लगभग एक दर्जन नई उच्च शिक्षा की संस्थाओं की स्थापना से कृषि, उद्यानिकी, खाद्य प्रौद्योगिकी, डेयरी प्रौद्योगिकी, मछली पालन, वानिकी के क्षेत्र में युवाओं को उच्च शिक्षा तथा रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। दुर्ग जिले में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना से छत्तीसगढ़ को इस क्षेत्र में शोध और अनुसंधान का बड़ा केन्द्र बनाने में मदद मिलेगी।
राज्यपाल ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ ही यहां अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित सीट में से 2 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था विशेष रूप से कमजोर जनजातियां जैसे अबुझमाड़िया, कमार, पहाड़ी, कोरवा, बिरहोर, बैगा, भुंजिया तथा पंडों के लिए की गई है। ‘मुख्यमंत्री पॉलीटेक्निक गुणवत्ता विकास योजना’ के तहत रोजगार परक शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए विशेष प्रयास किए हैं, जिसके तहत कांकेर, महासमुन्द तथा कोरबा जिलों में नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना होगी, जिसमें 100-100 सीटें होंगी। दुर्ग जिले में संचालित चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहण का निर्णय भी लिया गया है।