Google Analytics —— Meta Pixel
May 25, 2026
Hindi Hindi

डिजिटल व्यंग्य से राष्ट्रीय बहस तक: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर सरकारी शिकंजा तेज

  • rounak group

X अकाउंट ब्लॉक, वेबसाइट टेकडाउन, प्रदर्शनों पर रोक — अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली / शौर्यपथ /
देश में युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुए व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर अब केंद्र सरकार और प्रशासनिक एजेंसियों की सख्त कार्रवाई राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है। सोशल मीडिया आधारित इस आंदोलन पर की गई हालिया कार्रवाइयों ने एक बार फिर लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।

X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट भारत में प्रतिबंधित

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से प्राप्त इनपुट्स के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69(A) के तहत ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आधिकारिक X हैंडल @CJP2029 को भारत में प्रतिबंधित (Withheld) कर दिया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई “राष्ट्रीय सुरक्षा, देश की संप्रभुता और युवाओं पर संभावित नकारात्मक प्रभाव” जैसे कारणों को ध्यान में रखते हुए की गई।

मुख्य वेबसाइट भी हुई बंद

शनिवार, 23 मई 2026 को सुबह लगभग 9 बजे संगठन की आधिकारिक वेबसाइट को भी टेकडाउन कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस वेबसाइट से लगभग 10 लाख लोग जुड़े हुए थे।

यह वेबसाइट उस समय विशेष रूप से चर्चा में आई थी, जब यहां NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन अभियान चलाया गया था, जिस पर 6 लाख से अधिक डिजिटल हस्ताक्षर किए गए थे।

इंस्टाग्राम और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी असर

संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई के बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज, व्यक्तिगत अकाउंट और बैकअप अकाउंट का एक्सेस भी प्रभावित हुआ। उन्होंने इसे संभावित हैकिंग या प्लेटफॉर्म आधारित कार्रवाई बताया। हालांकि बाद में इंस्टाग्राम अकाउंट की पहुंच पुनः बहाल होने की जानकारी सामने आई।

जमीनी आंदोलनों पर प्रशासनिक सख्ती

केवल डिजिटल स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी गतिविधियों पर भी प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली। बेंगलुरु पुलिस ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा प्रस्तावित “ह्यूमन चेन” विरोध प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी कारणों का हवाला दिया।


क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं, बल्कि युवाओं द्वारा संचालित एक व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन माना जा रहा है। इसकी शुरुआत कथित रूप से सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के विरोध के बाद हुई थी।

यह आंदोलन बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, परीक्षा पेपर लीक और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। विशेष रूप से इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसके करोड़ों फॉलोअर्स जुड़ने के दावे किए गए, जिससे यह मुख्यधारा की कई राजनीतिक इकाइयों से अधिक डिजिटल प्रभाव रखने लगा।


लोकतांत्रिक विमर्श के केंद्र में उठा बड़ा प्रश्न

सरकार की इस कार्रवाई को लेकर देशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और डिजिटल अधिकार समूहों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार बताते हुए “असहमति को दबाने” की कार्रवाई कहा है।

वहीं सत्ता पक्ष और कुछ संगठनों का कहना है कि सोशल मीडिया आधारित ऐसे अभियानों के पीछे विदेशी फंडिंग, संगठित टूलकिट और समाज में अस्थिरता फैलाने की संभावनाओं की जांच आवश्यक है।


डिजिटल भारत में नई चुनौती

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया आधारित आंदोलनों का प्रभाव अब केवल ऑनलाइन सीमित नहीं रह गया है। यह मामला आने वाले समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, डिजिटल नियमन, साइबर कानून और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)