रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने ‘मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना’ को ज्यादा असरकारक बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी करते हुए बाजार की मांग और आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण का प्रावधान किया गया है, जिससे 46 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। ‘रोजगार संगी मोबाइल एप्प’ के जरिए प्रशिक्षित युवाओं और नियोक्ताओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। इस तरह मेरी सरकार शिक्षा से लेकर रोजगार तक की जरूरतों को पूरा करने के लिए युवा मितान के रूप में कार्य कर रही है। शिक्षा के अलावा खेलकूद, ललित कलाओं तथा विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं से भी रोजगार के रास्ते खुलें इसके लिए मेरी सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रशिक्षण सुविधाएं जुटाने का अभियान छेड़ा है, जिसके तहत बिलासपुर में एथलेटिक्स, हॉकी तथा तीरंदाजी का एक्सीलेंस सेंटर तथा रायपुर में टेनिस स्टेडियम तथा अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। ‘छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद’ से युवाओं की बहुआयामी प्रतिभाओं को मंच मिलेगा।
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास हेतु अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की है, जिससे इन वर्गों के जीवन स्तर में उत्तरोत्तर सुधार हो रहा है। निरस्त वन अधिकार दावों की समीक्षा से एक ओर जहां व्यक्तिगत पट्टों के वितरण में तेजी आई है, वहीं सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा सामुदायिक वन संसाधन पत्र देने से बहुत बड़े पैमाने पर भूमि आबंटन भी संभव हुआ है। विभिन्न शैक्षणिक सुविधाओं में बढ़ोतरी के कारण ‘जेईई मेन्स’ परीक्षा में 157, ‘जेईई एडवांस’ परीक्षा में 39 तथा ‘नीट’ परीक्षा में 166 बच्चों की सफलता का नया कीर्तिमान बना है, जो अनुसूचित क्षेत्रों की नई पीढ़ी को मिल रहे नए अवसरों का प्रतीक है। नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में बीजापुर जिला को देश में प्रथम स्थान मिला है, वहीं कोण्डागांव, नारायणपुर और सुकमा जिले अलग-अलग मापदण्डों में अग्रणी स्थान पर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पांचवीं अनुसूची के जिलों में स्थानीय लोगों की भर्ती के लिए आयु सीमा में 3 वर्ष की विशेष छूट का लाभ बस्तर और सरगुजा संभाग के अतिरिक्त अब नवगठित गौरेला-पेण्ड्रा -मरवाही जिले को भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने राज्य के समस्त 45 लाख 48 हजार ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से गुणवत्तायुक्त पेयजल आपूर्ति वर्ष 2023 तक सुनिश्चित करने का लक्ष्य हाथ में लिया है, जिनमें से अभी तक 5 लाख 65 हजार नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। ‘गिरौदपुरी धाम समूह पेयजल योजना,’ ‘चंदखुरी पेयजल योजना,’ ‘सुपेबेड़ा पेयजल योजना’, ‘मिनीमाता अमृत धारा जल योजना’ जैसी विशेष पहल से विशेष जरूरतों के लिए शुद्ध पेयजल प्रदाय का संकल्प पूरा किया जा रहा है। 178 नगरीय निकायों में भी जल प्रदाय योजनाओं का काम शुरू किया गया था, जिनमें से 125 योजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं।
सिंचाई परियोजनाओं में सुधार तथा प्रबंधन की कुशलता से वास्तविक सिंचाई क्षमता बढ़ी
राज्यपाल ने कहा कि सिंचाई सहित विभिन्न जरूरतों के लिए जल संसाधनों का विकास करने हेतु बोधघाट परियोजना सहित 15 नई योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। विद्यमान परियोजनाओं में सुधार तथा प्रबंधन की कुशलता से वास्तविक सिंचाई क्षमता बढ़ाने में मिली सफलता का लाभ भी प्रदेश की जनता को मिलने लगा है। वर्ष 2017-18 में जहां खरीफ व रबी को मिलाकर 9 लाख 68 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की गई थी, वहीं वर्ष 2020-21 में खरीफ में 12 लाख 30 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा दी गई तथा रबी की सिंचाई से वास्तविक सिंचाई का नया कीर्तिमान बनेगा।