रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिस बल को बहुआयामी चुनौतियों से जूझना पड़ता है, अतः मेरी सरकार ने एक ओर जहां पुलिसकर्मियों को आम जनता के प्रति संवेदनशील बनाने पर ध्यान दिया, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों की आवश्यकताओं को देखते हुए अनेक कल्याणकारी निर्णय लिए। रिस्पांस भत्ता, नाश्ता तथा भोजन की दरों में वृद्धि, स्पंदन अभियान, संवेदना कार्यक्रम, अनुकम्पा नियुक्ति, शहीद जवानों के आश्रितों के लिए एक्सग्रेसिया राशि 3 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए, शहीदों के आश्रित परिवारों को अनुग्रह अनुदान आदि योजनाओं का व्यापक असर हुआ है। प्रदेश में नक्सल गतिविधियों सहित अन्य अपराधों में कमी आई है।
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार अपने देश की महान लोकतांत्रिक परंपराओं तथा गौरवशाली संविधान में अटूट आस्था रखती है। इनके सम्मान के लिए हर संभव कदम उठाने को अपना परम कर्त्तव्य मानती है। राज्य के संसाधनों का उपयोग सही दिशा में करने के लिए मेरी सरकार की प्रतिबद्धता की एक मिसाल डीएमएफ के उपयोग के लिए नई गाइडलाइन जारी करना है। जिससे मुख्य और गौण खनिज की रायल्टी से प्राप्त अंशदान का उपयोग कुपोषण मुक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार तथा हितग्राही मूलक कार्यों में सुनिश्चित हुआ है। इसी तरह प्रदेश के सभी संसाधनों के राज्य हित में उपयोग, अपनी संस्कृति तथा परंपराओं के प्रति गौरव के विस्तार से प्रदेश के विकास को नई गति तथा नए लक्ष्य मिले हैं। राज्यपाल ने कहा कि मैं आप सभी जनता के नुमाइदों से आग्रह करती हूं कि राज्य सरकार की विकासपरक जनहितकारी नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों, अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की जनता को शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मददगार बनें।