धमतरी / शौर्यपथ / महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत जिला बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आज दोपहर जिला पंचायत के सी.ई.ओ. मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें किशोरवय बालकों को नशा से दूर रखने के लिए विभागीय स्तर पर कवायद करने पर जोर दिया गया। सी.ई.ओ. ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ नशे के नकारात्मक तथ्यों को सामने लाना भर नहीं है, बच्चों में इस प्रवृत्ति को मात्र प्रचार-प्रसार से रोका नहीं जा सकता बल्कि उनकी मानसिकता को बदलने से संभव हो सकता है।
आज दोपहर एक बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बताया गया कि बाल भिक्षावृत्ति, कचरा संग्रहण करने तथा बाल श्रम में लिप्त कुल 48 बच्चों को शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों एवं छात्रावासों में प्रवेश कराने के निर्देश सी.ई.ओ. ने दिए। इसके अलावा किराना, पान ठेला आदि में नशीली चीजें बेचने वालों के विरूद्ध संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाने के लिए कहा जिसमें थानों में पदस्थ बाल कल्याण पुलिस अधिकारी एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई शामिल रहेंगे। इस दौरान पुलिस विभाग की ओर से बताया गया कि अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के बीच 68 गुमशुदा बच्चों में से 62 की पतासाजी कर परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। सीईओ ने बाल विवाह प्रथा को रोकने ग्राम पंचायतों में विवाह पंजीयन की अनिवार्यता पर फोकस करने के लिए कहा तथा विवाह पंजीयन रजिस्टर व पलायन पंजी का आवश्यक रूप से संधारण करने के निर्देश जनपद पंचायतों के सी.ई.ओ. को दिए। इकाई द्वारा नशे की चपेट में आए 184 बच्चों की लत छुड़ाने के लिए आवासीय गतिविधियां एवं खेल प्रतियोगिता आयोजित कर तथा उनकी काउंसिलिंग करके कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से भी जोड़ने की बात सी.ई.ओ. चतुर्वेदी ने कही। उन्होंने बैठक में बाल संरक्षण समिति के कार्यों की जानकारी ली तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिमाह संस्थान में जाकर किशोरों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए। इसी तरह सखी वन स्टाॅप सेंटर में पैरालीगल वाॅलिंटियर तथा महिला स्वास्थ्य कर्मी (एएनएम) नियुक्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा बैठक में विभिन्न एजेण्डों पर चर्चा कर संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सतीश कुमार खाखा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर सहित डीपीओ श्री एमडी नायक, सीएमएचओ डाॅ. डी.के तुरे के अलावा बाल संरक्षण समिति एवं सखी वन स्टाॅप सेंटर के कर्मचारी उपस्थित रहे।