नवागढ़ / शौर्यपथ / भगवान भक्त के वश में होते हैं। हमें सच्चे मन से भगवान की पूजा आराधना करनी चाहिए। हमें भगवान के प्रति श्रद्धा आस्था रखनी चाहिए। उक्ताशय की बात ग्राम बदनारा में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ के अंतिम दिन कथावाचक पंडित ध्रुव शर्मा ने श्रद्धालुजनों से कही। पंडित शर्मा ने सभी से गौ माता की सेवा करने के लिए कहा और कहा कि गौ माता में 33 करोड़ देवी देवाताओं का वाश होता है। गौ माता की सेवा करें और नित्य दिन उसकी पीठ पर हाथ फेरने से बड़ी-बड़ी बीमारी दूर होती है। श्रीमद् देवी भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक ने मां के कई स्वरूपों का वर्णन करते हुए कहा कि सच्चे मन व श्रद्धा से पूजन करने पर मां भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती हैं।
उन्होंने कहा कि शिव के आंसुओं से यह वृक्ष प्रकट हुआ जो शिव स्वरूप है। यह एक मुखी से चौदह मुखी तक होते हैं। इसके पहनने से दुख और दरिद्रता मिट जाती है। बिल्व पत्र, भस्म, आक, धतूरा आदि की औषधियों की महिमा बताई।भगवान आशुतोष की महिमा अपरंपार है, भगवान की भक्ति से जीवन का कल्याण होता है। कथावाचक ने कहा कि देवी मां की अराधना से सभी दुखों का हरण होता है। कहा कि सच्चे मन से मां की अराधना करने वालों की मां हर मनोकामना पूर्ण करती है। अंत में हवनकुंड में पूर्णाहुति करने के बाद कथा का समापन किया। इस दौरान भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। जिसे भक्तों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। अंतिम दिन दूर-दराज क्षेत्रों से सैकड़ों भक्तजन कथा श्रवण के लिए पहुंचे थे। इस अवसर पर अभिषेक शर्मा, शेखर शर्मा, सुंदरम पाठक, मोहित साहू, हेमू साहू सहित श्रद्धालु उपस्थित रहे।