० गरीब बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ हुआ खिलवाड़
० बाल आयोग और कलेक्टर से हुई शिकायत
० गरीब बच्चों को किस स्कूल का मिलेगा रिजल्ट और किस कक्षा में मिलेगा प्रवेश नहीं मालूम
० कोरोना काल में बंद स्कूलों में प्रवेशित बच्चों को नही दिलाया अन्य स्कूलों में प्रवेश, डीईओ के खिलाफ कार्यवाही की मांग
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सरकार ने बोर्ड के कक्षाओं को छोड़ बाकी सभी कक्षाओं में जनरल प्रमोशन देने का आदेश दिया है जिसके पश्चात् जिले में अब कई बच्चों के लिए एक समस्या आ गई है कि कोरोना काल से बंद पड़े स्कूलों में प्रवेशित बच्चों को किस स्कूल का रिजल्ट मिलेगा और इस शिक्षा सत्र 2021-22 मे उन्हे किस कक्षा में प्रवेश मिलेगा, क्योंकि बीते सत्र 2020-21 में उन्हें किसी भी स्कूल में प्रवेश नही दिलाया गया था।
कोरोना काल में जिले में सत्र 2020-21 में कई प्रायवेट स्कूल बंद हो गए राजनांदगांव शहर में सीआईटी ग्रीन फिल्ड स्कूल बंद हो गया इन स्कूलों में प्रवेशित बच्चों को किसी अन्य स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाना था। कई पालकों के द्वारा जुलाई माह 2020 से जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम से मिलकर अनेकों लिखित आवेदन देकर यह आग्रह किया जा रहा है कि उनके बच्चों को किसी अन्य स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाए। पूरा साल समाप्त हो गया, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम ने उनके बच्चों को किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं दिलाया और अब सरकार जनरल प्रमोशन देने का फैसला लिया है। ऐसे में इन बच्चों को किस स्कूल का रिजल्ट मिलेगा, क्योंकि इन बच्चों ने तो इस वर्ष सत्र 2020-21 में किसी भी स्कूल में प्रवेश तक नहीं लिया और पढ़ाई तक नहीं किया, क्योंकि इन्हे किसी भी स्कूल में प्रवेश दिलाया ही नहीं गया है। पालक अब असमंजस में है कि उनके बच्चों को किस स्कूल का रिजल्ट मिलेगा और किस कक्षा में उनके बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा, क्योंकि बीते वर्ष उनके बच्चों ने किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने बाल आयोग और कलेक्टर को पत्र लिखकर जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए इन अप्रवेशित बच्चों को उनके उम्र के अनुसार किसी अन्य स्कूल में प्रवेश दिलाने की मांग किया गया है, क्योंकि एसोसियेशन का कहना है कि डीईओ ने गरीब बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ जान-बुझकर खिलवाड़ किया है जो शिक्षा का अधिकार कानून का उल्लघंन है।