राजनांदगांव / शौर्यपथ / हिन्दू युवा मँच जिला इकाई राजनांदगांव ने प्रतिदिन संक्रमित हो रहे कोरोना पॉजिटिव मरीजों का नाम सार्वजनिक करने की माँग कलेक्टर टीके वर्मा से ज्ञापन के माध्यम से की। ज्ञापन में हिन्दू युवा मंच ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने का कारण पॉजिटिव मरीजों का नाम सार्वजनिक न होना बताया है।
उक्ताशय की जानकारी देते हुए हिन्दू युवा मंच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी ने बताया कि, गत दिनांक 27 मार्च 2021 को एक ज्ञापन के माध्यम से हिन्दू युवा मंच जिला इकाई राजनांदगांव द्वारा जिले में कोरोना की स्थिति बताने के साथ प्रतिदिन संक्रमित होने वाले पॉजिटिव मरीजों की सूची नामवार जारी करने की माँग की थी। बावजूद प्रशासन के कानों पर जूं तक नही रेंग रही। ज्ञापन सौंपने के 1 सप्ताह बीत जाने के बाद भी प्रशासन गहरी नींद में सो रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप कोरोना मरीजों की दिन प्रतिदिन बढ़ती संख्या जैसी भयावह स्थिति सामने आ रही है। यह आंकड़े प्रशासन की मंशा बताती है कि, वो जनता को अंधेरे में रखकर और गुमराह करके आंकड़े छुपाती रहे जैसे लोगों की यह लगे कि प्रशासन बहुत अच्छा काम कर रही है। हिन्दू युवा मंच ने कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों का नाम सार्वजनिक क्यों करना आवश्यक है इस महत्वपूर्ण पहलू पर भी ध्यानाकर्षण कराते हुए अवगत कराया था। क्योंकि रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने से पॉजिटिव मरीज भी सड़कों और बाजार में बेपरवाह होकर और बेधकड़क होकर घूम रहे थे। नाम सार्वजनिक हो जाने से एतिहायत के तौर पर कम से कम अन्य लोग उनसे दूरी बनाकर रखते और सावधानियां बरतते। जिससे कोरोना का संक्रमण कम से कम लोगों तक फैलता। बावजूद प्रशासन गहरी नींद में सोता रहा।
30 मार्च को जिले में 321 पॉजिटिव मरीज, 31 मार्च को 447, 1 अप्रैल को 437, 2 अप्रैल को 383, 3 अप्रैल को 346 और 4 अप्रैल को 490 कोरोना पॉजिटिव मरीजों का सरकारी आंकड़ा प्राप्त हुआ है। जो कि अब तक कि सबसे बड़ी संख्या है। उसके बाद भी यह आंकड़ा थमने का नाम ही नहीं ले रहा और प्रतिदिन लगभग 400 पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा विभाग द्वारा जारी किया जा रहा है। यह आंकड़ा कोरोना संक्रमण में बरती जा रही घोर लापरवाही की भयावह स्थिति और वास्तविक स्थिति को दर्शा रहा है। कोरोना संक्रमित मरोजों का अचानक से बढ़ना जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की गलतियों और बेपरवाही का परिणाम है। हिन्दू युवा मँच ने पहले ही इस पर समीक्षा कर ली थी और आशंका जताते हुए खतरे के प्रति प्रशासन को 27 मार्च को ही आगाह कर दिया था। बावजूद प्रशासन न जाने किस बात का इंतजार कर रहा है। प्रशासन यदि उसी समय हमारी उक्त बातों पर गौर करता तो स्थिति इतनी विकट और नियंत्रण से बाहर नहीं होती, लेकिन पता नहीं क्यों प्रशासन अनभिज्ञ और मूकदर्शक बना रहा और हाथ में हाथ धरकर तमाशा देखता रहा।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर मे पॉजिटिव मरीजों का इतनी बड़ी सँख्या में पाए जाने का यह पहला मामला है, जब एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में मरीज पॉजिटिव हुए हों। प्रशासन की अकर्मण्यता के कारण अब तो इनके आगे और भी बढ़ते रहने की संभावना हैए वह दिन दूर नहीं जब हमारा जिला 500 के आंकड़े को भी पर कर जाएगा और कोरोना के हिटलिस्ट की सूची वाले जिलों में पहले अथवा दूसरे स्थान पर होगा। हिन्दू युवा मँच ने होली पर्व को भी ध्यान में रखते हुए प्रशासन को सचेत किया था और ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात रखी थी। क्योंकि होली पर्व पर एक दूसरे को बधाई देने और संपर्क में आने से पॉजिटिव मरीजों की संख्या में वृद्धि होनी स्वाभाविक थी। जिस पर किसी प्रकार का अमल न करना प्रशासन की बहुत बड़ी चूक है। यही नहीं पॉजिटिव मरीजों के नाम सार्वजनिक न करने की प्रशासन की कोताही को भी आड़े हाथों लेते हुए इससे पैदा होने वाली गंभीर स्थिति पर भी ध्यानाकर्षण कराया था। बावज़ूद प्रशासन अपनी मनमानियों पर अड़ा रहा, आज स्थिति सभी के सामने है। जब विभाग या उसके उच्चाधिकारियों द्वारा अनियमित्ता और मनमानी की जाती है। तब इसकी शिकायत जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के आलाधिकारियों से की जाती है, और मामले का निराकरण हो जाता है। अब जब जिला प्रशासन ही अपनी मनमानियों पर अड़ा हुआ हो तो इसकी शिकायत फिर किस्से की जाए? यह एक विचारधीन और गंभीर प्रश्न है। प्रशासन का रवैय्या अगर इसी तरह उदासीनभरा रहा तो वह दिन दूर नही जब हम कोरोना पॉजिटिव के मामले में दुर्ग जिले को पीछे छोड़ देंगे और रायपुर जिले की बराबरी करने लगेंगे। हिन्दू युवा मँच ने उक्त मामले में दोबारा ध्यानाकर्षण और स्मरण कराते हुए कोरोना पॉजिटिव मरीजों का नाम सार्वजनिक करने की माँग आज जिला प्रशासन से की है।