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शासकीय कमला देवी राठी महिला स्नाकोत्तर महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा एक दिवसीय वेबीनार का हुआ आयोजन

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राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासकीय कमला देवी राठी महिला स्नाकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के वनस्पतिशास्त्र विभाग द्वारा इकोलॉजी स्टेबिल्टी एण्ड मैनेजमेन्ट विषय पर एकदिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबीनार में विषय विशेषज्ञ के रूप में शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सतीश सेन उपस्थित थे। बेबीनार का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल ने कहा कि हमारे पर्यावरण में प्रदुषण कार्बन का उत्सर्जन और वृक्षों की कटाई दिनों दिन बढ़ रही हैं। जिसके कारण हमारे परितंत्र में इसका बहुत बुरा असर पड़ है। इसका असर इकोसिस्टम के पोषण लेवल पर भी धीरे-धीरेे दिखाई दे रहा है। उन्होंने असंतुलित इकोसिस्टम क ो रोकने के लिए छात्राओं को ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करने एवं गैसों के उत्सर्जन करने वाली वस्तुओं का कम से कम उपयोग करने कहा।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ डॉ. सतीश सेन ने अपना सेमीनार पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पाये जाने वाले विविधता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही भारत में पाये जाने वाले विभिन्न प्रकार के इकोसिस्टम के बारे में बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में आयोजित हुये गिधवा पक्षी महोत्सव में आये विभिन्न प्रकार के पक्षियों के बारे में भी जानकारी दी। डॉ. सेन ने बताया कि वर्तमान में हो रहे कार्बन उत्सर्जन और खनिज उत्खन्न के दुरूपयोग के कारण पत्तियों पर फलाय ऐश के जमा होने के कारण मेटाबालिक एक्टीविटी कम हो रहे है। जिसका प्रभाव पूरे पौधों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इनके बचाव के लिए वनों का विनाश नहीं होना चाहिए तथा जल स़्त्रोत को बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। डॉ. सेन में इकोसिस्टम के अंतगर्त आने वाले समस्त प्वांइट की विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर दिए। कैरियर गांइडेस के बारे में बताते हुए छात्राओं को नेट और सेट की परीक्षा की तैयारी के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रभात कुमार बैस ने किया। इस दौरान वनस्पतिशास्त्र विभाग के डॉ. चेतना गुप्ता एवं सुश्री अर्पणा तिवारी सहित एमएससी पूर्व और अंतिम वर्ष की छात्राएं उपस्थित थी।

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शौर्यपथ

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