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खैरागढ़ ब्लाक के छात्रों में ग्रीष्मकालीन प्रायोजना आमाराइट को मिल रहा है अच्छा प्रतिसाद

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राजनांदगांव / शौर्यपथ / ग्रीष्मावकाश में बच्चों के अधिगम प्रक्रिया को सक्रिय रखने के उद्देश्य से ग्रीष्माकालीन प्रायोजना आमाराइट के नाम से प्रारम्भ किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इसे संपूर्ण छत्तीसगढ़ में लागू किया गया है। इसके तहत कक्षा दूसरी से बारहवीं तक के बच्चे को कक्षा अनुरूप प्रश्न दिए गए हैए जो बहुत ही रोचक है।
इसी कड़ी में खैरागढ़ विकासखंड में विकासखंड शिक्षा अधिकारी महेश भुआर्य के मार्गदर्शन में आमाराइट कार्यक्रम लगातार जारी है। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक भगत सिंह ठाकुर द्वारा लगातार प्राचार्यो, संकुल समन्वयकों, प्रधान पाठकों व पीएलसी सदस्यों की ऑफलाइन व ऑनलाइन बैठक लेकर इसे गति प्रदान की जा रही है। इसके अलावा विकासखंड स्त्रोत समन्वयक भगत सिंह ठाकुर अपनी टीम के साथ सतत् क्रियान्वयन व मॉनिटरिंग के कार्य मे जुटे हुए है। जमीनी स्तर पर इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए संकुल समन्वयकों व पीएलसी सदस्यों की टीम भी लगातार सक्रिय है। इस पहल के अन्तर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदत प्रोजेक्ट कार्य सभी शालाओं में वितरित करवा कर बच्चों को उपलब्ध कराया गया है, जिसमें शिक्षकों व मोहल्ला क्लास लेने वाले शिक्षा सारथियों के द्वारा व पालकों के द्वारा प्रोजेक्ट कार्य संपन्न कराया जा रहा है, जिसे 30 जून तक शालाओं में जमा कराया जाना है।
आमाराइट को लेकर क्षेत्र के बच्चों में काफी सक्रियता व उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इस प्रोजेक्ट में खेलकूद, व्यवहारिक प्रश्न आदि बच्चो की रूचि के अनुरूप है और बच्चों को शिक्षा की ओर आकर्षित कर रहे है। प्रोजेक्ट को सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिये सभी शिक्षकों, पीएलसी, शाला प्रबंधन व विकास समिति के सदस्यों, पालकों, ग्रामवासियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों का इसमें अच्छा सहयोग मिल रहा है। आमाराइट कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संकुल समन्वयक निमेष सिंग, लखन यादव, रामेश्वर वर्मा, धीतेन्द्र सिंह, विजय झा, निखिल सिंह, भानुप्रताप मेश्राम, नरेंद्र ठाकुर, चंद्रशेखर गुनी, कोमलचंद कोठारी सक्रिय भूमिका निभा रहे है। खैरागढ़ ब्लाक में इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन पर जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम, डीएमसी भूपेश साहू, एपीसी सतीश ब्यौहरे ने हर्ष व्यक्त करते हुए खैरागढ़ टीम के प्रयासों को प्रेरक एवं प्रशंसनीय बताया है।

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शौर्यपथ

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