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अस्थि बाधितार्थ बालगृह में पदस्थ भृत्य को किया गया सेवा से निष्काषित

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जगदलपुर / शौर्यपथ / कलेक्टर श्री चंदन कुमार द्वारा जगदलपुर आड़ावाल स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित शासकीय अस्थि बाधितार्थ बालगृह में पदस्थ भृत्य राधिका नायडू को सेवा से निष्काषित कर दिया गया है। राधिका नायडू पर शासकीय अस्थि बाधितार्थ बालगृह में रहने वाले बच्चों के भोजन सामग्री एवं दैनिक उपयोग के लिए क्रय की गई सामग्री को अपने घर ले जाने का गंभीर आरोप था। इसके साथ ही अस्थिबाधित बालकों से अपने घर के भारी कार्य करवाने का आरोप भी लगाया गया था। विभागीय जांच में सभी आरोप सही पाए जाने पर कलेक्टर ने सेवा से निष्काषित करने की कार्यवाही की। राधिका नायडू को पूर्व में भी ऐसे ही आरोपों के लिए वर्ष 2015 में निलंबित किया गया था और एक वेतन वृद्धि रोकने की सजा देकर 2018 में सेवा बहाली की गई थी। राधिका नायडू को ऐसे ही आरोपों के लिए 2020 में पुनः निलंबित किया गया। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति द्वारा की गई जांच मंे आरोपों को सही पाया गया, जिसके आधार पर विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। विभागीय जांच में सभी आरोपों के सही पाए जाने और ऐसे आचरण की पुनरावृत्ति पाए जाने पर कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 10 के तहत दीर्घ शास्ति से दंडित करते हुए राधिका नायडू को भृत्य पद से तत्काल प्रभाव से सेवा से निष्काष्ति किया गया।

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शौर्यपथ

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