बिलासपुर।
भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के एक दिवसीय दौरे के दौरान कंपनी के कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल परिवर्तन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ एवं लोकार्पण किया।
एसईसीएल मुख्यालय पहुंचने पर मंत्री दुबे ने कोयला श्रमिक स्मारक पर माल्यार्पण कर कोयला श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की ऊर्जा सुरक्षा में उनके योगदान को नमन किया। इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में कोयला उत्पादन, डिस्पैच, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा, कोल गैसीफिकेशन, पर्यावरणीय पहल, डिजिटलीकरण, सीएसआर गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मंत्री दुबे ने सुरक्षित एवं सतत खनन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से कोयलांचल क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कोल इंडिया के 100 मिलियन टन उत्पादन में एसईसीएल ने 26.86 मिलियन टन का सर्वाधिक योगदान दिया है।
बैठक के दौरान मंत्री ने “ई-डाडास” (डिजाइन एंड ड्रॉइंग्स अप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल और “हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम” (HMIS) पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-डाडास पोर्टल के जरिए आधारभूत संरचना परियोजनाओं की इंजीनियरिंग डिजाइनों की ऑनलाइन जांच और अनुमोदन प्रक्रिया डिजिटल होगी, जबकि HMIS पोर्टल से एसईसीएल अस्पतालों में मरीजों के रिकॉर्ड प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी।
दौरे के दौरान मंत्री दुबे ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का लोकार्पण भी किया। यह मशीन संक्रमण और विभिन्न बीमारियों की सटीक जांच में सहायक होगी तथा अस्पताल सेवाओं की गति और गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी।
लोकार्पण के बाद मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। बैठक में एसईसीएल के निदेशकगण, सीवीओ, विभागाध्यक्ष और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।