July 24, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    LPG गबन कांड में बड़ा खुलासा: ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक-पुत्र महाराष्ट्र से गिरफ्तार

    • rounak group

    खाद्य अधिकारी समेत पूरा नेटवर्क बेनकाब, 90 लाख में तय हुआ था गैस गबन का सौदा

    महासमुंद/रायपुर।
    बहुचर्चित एलपीजी गबन मामले में फरार चल रहे ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और उनके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर को पुलिस ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार शहर और मोबाइल नंबर बदल रहे थे। पुलिस की तकनीकी जांच, टॉवर डंप, सीडीआर, टोल डेटा और सोशल मीडिया विश्लेषण के बाद दोनों तक पहुंच संभव हो सकी।

    पुलिस जांच में अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार खाद्य अधिकारी अजय यादव इस पूरे गबन कांड का मुख्य षड्यंत्रकारी था, जबकि पंकज चंद्राकर डील मैनेजर की भूमिका में सामने आया। मनीष चौधरी ने विभिन्न एजेंसियों के बीच मध्यस्थता कर रकम तय कराने में अहम भूमिका निभाई।

    सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में 1 करोड़ 30 लाख रुपये की मांग रखी गई थी, लेकिन करीब एक सप्ताह तक चली बातचीत के बाद 90 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पुलिस का दावा है कि सुपुर्दनामे से 11 दिन पहले यानी 19 मार्च से ही एलपीजी गबन की साजिश शुरू हो चुकी थी।


    कैसे हुआ पूरा खेल?

    थाना सिंघोड़ा पुलिस ने दिसंबर 2025 में 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया था। भीषण गर्मी और सुरक्षा कारणों से इन ट्रकों को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने खाद्य विभाग के माध्यम से ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सुपुर्द किया।

    30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रकों को संतोष सिंह ठाकुर के सुपुर्द किया गया, जिसके बाद ट्रकों को रायपुर स्थित उरला प्लांट ले जाया गया। जांच में सामने आया कि सुपुर्द किए गए पांच ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस, जिसकी कीमत लगभग 77 लाख रुपये थी, का आपराधिक न्यास भंग करते हुए गबन कर लिया गया।


    फर्जी पंचनामा और बिना GST के बिक्री

    जांच में खुलासा हुआ कि सभी कैप्सूल खाली होने के बाद 6 से 8 अप्रैल के बीच तौल करवाई गई और फर्जी तौल पंचनामा तैयार किया गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि मुख्य षड्यंत्रकारियों को ही पंचनामा का गवाह बनाया गया।

    पुलिस के अनुसार आपदा की स्थिति का फायदा उठाते हुए गबन की गई एलपीजी गैस को 20 अलग-अलग एजेंसियों और संस्थानों को कच्चे बिल पर बिना GST के मनमाने दामों में बेचा गया। अप्रैल महीने में केवल 40 टन एलपीजी खरीदी गई, जबकि बिक्री 135 टन तक पहुंच गई।


    चार राज्यों में दबिश, कोल्हापुर होटल से गिरफ्तारी

    मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और सार्थक सिंह ठाकुर लगातार रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर जैसे शहरों में ठिकाने बदलते रहे। पुलिस की चार विशेष टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी थीं।

    सैकड़ों CCTV फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दोनों के महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित न्यू चालुक्य होटल में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी संतोष सिंह ठाकुर के पास से 20 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए।


    अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार, बढ़ सकती है संख्या

    इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

    पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई नए नाम सामने आ सकते हैं। मामले में आपराधिक षड्यंत्र, कूट रचना, शासकीय संपत्ति की हेराफेरी और कालाबाजारी सहित बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision