Print this page

दुर्ग में शराब की दूकान तो खुल गयी किन्तु नहीं खुल रहा डाईवर्सन से सम्बंधित तहसील कार्यालय Featured

  • devendra yadav birth day

शरद पंसारी की रिपोर्ट
दुर्ग / शौर्यपथ / लॉक डाउन 3 की घोषणा हो चुकी है . लॉक डाउन 3 में कई शासकीय कार्यालय खुल चुके है और सोशल डिस्टेंस के पालन करते े हुए कार्य भी प्रारंभ हो चूका है वही शराब दुकानों का सञ्चालन भी जोरो से शुरू हो गया . शराब दूकान खुलते ही सोशल डिस्टेंस की धज्जिय भी उडऩे लगी . वही शहर में ऐसे कई प्रतिष्ठान भी खुल गए जो गैर अनुमति प्राप्त है .
       दुर्ग जिला मुख्यालय में जमीनों से लेकर जुड़े पंजीयन कार्यालय खुलने के साथ ही जमीनों के क्रय विक्रय सम्बन्धी कार्य आरम्भ हो गए . पंजीयन कार्यालय सहीत टाउन एंड प्लानिंग के कार्यालय में भी आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है किन्तु दुर्ग के तहसील कार्यालय में अभी भी डाईवर्सन के आवेदन का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है जबकि इसी तहसील परिसर में सीमांकन , प्रमाणीकरण और फौती का आवेदन सम्बंधित अधिकारियों द्वारा लिया जा रहा किन्तु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) कार्यालय में डाईवर्सन से सम्बंधित आवेदन के लिए आम जनता इंतज़ार कर रही है .
     जिस प्रकार कोरोना से जंग में कड़ी तोडऩे से ही जीत मिलती है उसी तरह जमीनों की खरीदी बिक्री में अगर डाईवर्सन का कार्य पूरा नहीं हो तो एक प्रकार से खरीदी बिक्री अधूरी हो जाती है . ऐसा ही हाल वर्तमान में दुर्ग तहसील कार्यालय की है . दुर्ग तहसील कार्यालय में डाईवर्सन का कार्य के लिए अभी भी आवेदन नहीं लिए जा रहे है . एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री पंजीयन के कार्य में कोई परेशानी ना हो का निदेश दे रहे है वही दुर्ग तहसील कार्यालय द्वारा डाईवर्सन का आवेदन ना लेने से क्रेता विक्रेता असमंजस की स्थिति में है .
    एसडीएम खेमलाल वर्मा से जब इस सम्बन्ध में बात की गयी तो उनके अनुसार कार्यालय में 17 मई के बाद ही डाईवर्सन के आवेदन लेने की बात कही गयी है . अगर तहसील कार्यालय अपने फैसले पर स्थिर रहता है तो डाईवर्सन के आवेदकों को 17 मई तक का इंतज़ार करना होगा . जिस तरह प्रदेश और देश में कोरोना के मामले बढ़ रहे है अगर कही लॉक डाउन की थिति और विस्तृत होगा तो फिर आवेदकों को शायद लम्बा इंतज़ार करना पड़ सकता है . तहसील कार्यालय के इस फैसले से डाईवर्सन के कारण कई लोगो के बैंक लोन , भवन अनुज्ञा , निर्माण आदि के कार्य अधर में लटके हुए है .
एक तरफ शासन शराब दूकान की अनियंत्रित भीड़ को संभाल रही है तो तहसील कार्यालय में भी कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकती है क्योकि चाहे जैसी भी स्थिति हो शराब दूकान जैसी स्थिति तहसील कार्यालय में होना असंभव सा है बस जरुरत है एक सार्थक पहल की . जमीन से जुड़े व्यतियो के अनुसार अगर तहसील कार्यालय में डाईवर्सन के आवेदन का कार्य शुरू होता है तो जमीन व्यापार से जुड़े लोग शासन के निर्देशों का पालन करते हुए कार्य को अंजाम देंगे .

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ