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देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के अस्थाई संरक्षण के लिए भावी अभिभावकों से आवेदन आमंत्रण

  • devendra yadav birth day

दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में संचालित किशोर न्याय बालको की देखरेख व संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 41 के अंतर्गत पंजीकृत बाल संस्थाओं में निवासरत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को किशोर न्याय, बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 44 तथा मॉडल गाइड लाइन फॉर फॉस्टर केयर 2016 के प्रावधानानुसार अस्थाई संरक्षण में दिए जाने हेतु फॉस्टर केयर में भारतीय दम्पत्तियों से आवेदन आमंत्रित हैै।
फॉस्टर केयर परिवार का दायित्व होगा कि वह बालक को समुचित भोजन, वस्त्र, आश्रय, शिक्षा-उच्च शिक्षाए देखभाल एवं संरक्षणए आवश्यकतानुसार सभी प्रकार की चिकित्सा, उपचार, आयु एवं रूचि अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण, बालक की विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्तिए बालक की शोषण, दुव्र्यवहार, हानिए, उपेक्षा से सुरक्षा तथा बालक एवं उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करें। इसके साथ ही फॉस्टर केयर मार्गदर्शिका 2016 में उल्लेखित सभी दायित्व एवं शर्तों तथा बालक कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण ईकाई के निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। ऐसे भारतीय दंपत्ति जो देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को अस्थाई रूप से संरक्षण में लेना चाहते है, वे कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं विभागए पांच बिल्डिंग परिसर, जिला दुर्ग फोन नं 0788.2213363 में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में कार्यालयीन समय में आवेदन कर सकते है। आवेदन के पश्चात् उक्त अधिनियम एवं गाइड लाइन के प्रकाश में गृह अध्ययन प्रतिवेदन तथा स्पान्सरशिप एवं फास्टर केयर अनुमोदन समिति की अनुशंसा के आधार पर जिले की बाल कल्याण समिति द्वारा देखरेख एवं संरक्षण हेतु बालकए संबंधित दंपत्ति को फॉस्टर केयर में दिया जा सकेगा।

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शौर्यपथ

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