August 02, 2026
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    पश्चिम एशिया में तनाव के बीच सक्रिय कूटनीति: प्रधानमंत्री मोदी ने कतर, कुवैत और ओमान के शीर्ष नेतृत्व से की वार्ता Featured

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       नई दिल्ली / पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रमों और क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत ने सक्रिय कूटनीतिक पहल करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खाड़ी देशों के शीर्ष नेतृत्व से उच्चस्तरीय संवाद स्थापित किया। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को कतर के अमीर, कुवैत के क्राउन प्रिंस और ओमान के सुल्तान से टेलीफोन पर अलग-अलग वार्ता कर क्षेत्रीय शांति, संप्रभुता और भारतीय समुदाय की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

    कतर के अमीर से बातचीत
    प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल सानी से बातचीत में भारत की ओर से कतर के साथ अटूट एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कतर की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा की।
    दोनों नेताओं ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने इस चुनौतीपूर्ण समय में कतर में रह रहे भारतीय समुदाय को वहां के नेतृत्व द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया।

    कुवैत के क्राउन प्रिंस से सार्थक संवाद
    प्रधानमंत्री ने कुवैत के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से भी फोन पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा करता है तथा इस कठिन समय में कुवैत के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
    वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति बहाली में कूटनीतिक प्रयासों और संवाद की अहम भूमिका को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने में कुवैती नेतृत्व के सहयोग की सराहना की।

    ओमान के सुल्तान से पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार-विमर्श
    प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के महामहिम सुल्तान हैथम बिन तारिक से भी बातचीत की और पश्चिम एशिया की वर्तमान परिस्थितियों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने ओमान की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा करते हुए क्षेत्र में स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए निरंतर कूटनीतिक संवाद को आवश्यक बताया।
    प्रधानमंत्री ने ओमान द्वारा भारतीय समुदाय को दिए जा रहे निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

    भारत का स्पष्ट संदेश
    इन तीनों वार्ताओं के माध्यम से भारत ने एक स्पष्ट और संतुलित कूटनीतिक संदेश दिया है—
    खाड़ी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता।
    तनाव की स्थिति में संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता।
    विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता।
    विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की यह सक्रिय पहल न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के समर्थन का संकेत है, बल्कि खाड़ी देशों के साथ भारत के मजबूत रणनीतिक और मानवीय संबंधों को भी रेखांकित करती है।
    भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वह वैश्विक मंच पर शांति, स्थिरता और सहयोग की नीति पर अडिग है।

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