दुर्ग / शौर्यपथ / विश्व एचआईवी/एड्स दिवस के उपलक्ष्य में साइंस कॉलेज, दुर्ग में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने का संदेश देना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय सिंह ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में एचआईवी/एड्स के कारण, प्रभाव और इससे बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, "एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई केवल एक बीमारी को रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में समानता, सहानुभूति और समर्थन की भावना विकसित करने का अवसर भी है। जागरूकता ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है।" प्राचार्य महोदय ने उपस्थित प्रोफेसरों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स के खिलाफ जागरूकता फैलाने और भेदभाव समाप्त करने की शपथ दिलाई। शपथ में सभी ने सुरक्षित जीवनशैली अपनाने और एचआईवी/एड्स से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील रहने की प्रतिज्ञा ली। रेड क्रॉस प्रभारी श्री प्रशांत दुबे ने बताया कि यह जागरूकता अभियान 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से रैली, नुक्कड़ नाटक, शपथ ग्रहण, व्याख्यान और संगोष्ठी शामिल हैं। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक तरुण साहू, मोती राम साहू, और रेड क्रॉस के सदस्य श्रीमती राधिका साहू, डुमन साहू, आंबलिका चौहान के साथ-साथ बड़ी संख्या में रेड क्रॉस एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने जागरूकता फैलाने के साथ-साथ सामाजिक भेदभाव को खत्म करने और एक संवेदनशील समाज बनाने का संदेश दिया।