July 29, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    बयान बनाम मिसाल : महापौर अलका बाघमार का अनुरोध—क्या नीरज पाल की तरह ज़मीन पर उतरेगा निगम प्रशासन? Featured

    • rounak group

    दुर्ग | शौर्यपथ

    दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार 31 जनवरी को शहरी सरकार की मुखिया के रूप में अपना पहला जन्मदिन मना रही हैं। जन्मदिन से पहले शहर में समर्थकों द्वारा लगाए गए फ्लेक्स, बैनर और कटआउट्स की भरमार ने एक बार फिर शहर की सुंदरता, स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इसी पृष्ठभूमि में महापौर अलका बाघमार ने 29 जनवरी को एक सराहनीय और विनम्र पहल करते हुए अपने समर्थकों से अनुरोध किया कि वे शहर के खंभों, सार्वजनिक स्थलों और यातायात मार्गों पर लगाए गए फ्लेक्स-बैनर स्वयं हटा लें। महापौर ने स्पष्ट किया कि उन्हें समर्थकों का प्रेम और आशीर्वाद स्वीकार है, लेकिन शहर की सुंदरता, स्वच्छता और नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि है।

    महापौर का यह बयान निश्चित ही स्वागत योग्य है, लेकिन अब सवाल यह नहीं कि क्या कहा गया, बल्कि यह है कि क्या किया जाएगा।

    अतिक्रमण टीम की अग्निपरीक्षा

    अब निगाहें नगर निगम के अतिक्रमण विभाग पर टिकी हैं। क्या निगम प्रशासन महापौर की मंशा के अनुरूप नियम विरुद्ध टंगे फ्लेक्स-बैनर हटाने की कार्रवाई करेगा?

    क्या महापौर के समर्थक स्वयं आगे आकर अपने बैनर हटाएंगे, या फिर यह अनुरोध भी पूर्व के नेताओं के बयानों की तरह कागज़ी साबित होगा?

    शहर की जनता अब केवल बयान सुनकर संतुष्ट होने वाली नहीं रही है। वर्षों से जनता ने देखा है कि कैसे नियमों की दुहाई आम नागरिकों के लिए तो दी जाती है, लेकिन राजनीतिक बैनरों पर वही नियम मौन हो जाते हैं।

    नीरज पाल बनाम अलका बाघमार

    इस संदर्भ में भिलाई नगर निगम के पूर्व महापौर नीरज पाल का उदाहरण आज भी मिसाल के रूप में सामने है। नीरज पाल ने अपने जन्मदिन से पहले स्वयं आगे बढ़कर शहर के खंभों से अपने सभी बधाई बैनर और पोस्टर उतरवाए थे। उन्होंने न सिर्फ अपील की, बल्कि कार्रवाई कर दिखायी—और समर्थकों से भी यही अपेक्षा रखी।

    आज दुर्ग की जनता यही सवाल पूछ रही है— क्या महापौर अलका बाघमार भी नीरज पाल की तरह बयान से आगे बढ़कर जमीनी कार्रवाई करेंगी?

    या फिर यह पहल भी एक औपचारिक अनुरोध बनकर रह जाएगी?

    30 जनवरी की कार्रवाई बताएगी दिशा

    महापौर का अनुरोध 29 जनवरी को सामने आया। अब 30 जनवरी का दिन यह तय करेगा कि नगर निगम प्रशासन और अतिक्रमण विभाग इस अनुरोध को कितनी गंभीरता से लेता है।

    यदि आज नियम विरुद्ध फ्लेक्स हटाए जाते हैं, तो यह दुर्ग की राजनीति में एक सकारात्मक और भरोसेमंद संदेश होगा।

    और यदि ऐसा नहीं होता, तो जनता इसे भी एक और “अच्छा बयान” मानकर आगे बढ़ जाएगी।

    सार --

    महापौर अलका बाघमार का कदम निस्संदेह प्रशंसनीय है, लेकिन शहर की जनता अब शब्द नहीं, उदाहरण चाहती है।

    दुर्ग को आज एक ऐसे नेतृत्व की ज़रूरत है, जो नीरज पाल की तरह सिर्फ कहे नहीं—करके दिखाए।

    अब देखना यह है कि

    दुर्ग की महापौर इतिहास रचेंगी या बयानबाज़ी की सूची में एक और नाम जुड़ जाएगा।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision