दुर्ग / शौर्यपथ / नव वर्ष के पहले ही दिन शिवनाथ महोत्सव ने छठे वर्ष भव्य रूप धारण किया। सुबह से महमरा घाट पर मेला सज गया, जहां भक्तों और पर्यटकों ने शिवनाथ की स्वच्छ धारा में आस्था की डुबकी लगाई। शाम ढलते ही 51 हज़ार दीयों ने तट को आकाशीय ज्योति से नहला दिया।
बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर 11 पंडितों ने विधि-विधान से महाआरती उतारी, जिसे देखने आसपास के जिलों से लेकर अन्य राज्यों तक के हज़ारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। आयोजक वरुण जोशी ने बताया, "22 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद शिवनाथ नदी लीज मुक्त हुई, तब से हम यह महोत्सव मना रहे हैं। यह दुर्ग जिले का सबसे बड़ा नववर्ष उत्सव बन चुका है।"
कार्यक्रम में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया। बच्चों के लिए झूले-जंपिंग, युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ मंच के संगीत पर ठुमके, तो महिलाओं-बच्चियों ने दीपदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। मुंबई की टीम द्वारा की गई इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी ने तो रंग जमाया ही, आकर्षण का केंद्र बनी रही।
इस भव्य आयोजन में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, महापौर अल्का बाघमार, समाजसेविका मानसी गुलाटी सहित हज़ारों भक्त मौजूद रहे। शिवनाथ महोत्सव ने न केवल आस्था जगाई, बल्कि सांस्कृतिक एकता का अनूठा संगम रचा।