महिला कर्मचारी के वेतन से PhonePe-Paytm के जरिए कराते रहे ट्रांसफर, पुलिस ने पद के दुरुपयोग और गबन के आरोप में किया गिरफ्तार
दुर्ग।
शिक्षा के मंदिर में एक ऐसे मामले ने सनसनी फैला दी है जिसने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से ₹1,49,384 की कथित हेराफेरी करने के आरोप में दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला थाना मोहन नगर में दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता श्रीमती शुभांगी मराठे विश्वविद्यालय में अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। वह आरोपी कुलसचिव के निवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थीं। शिकायत और विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि उनका मासिक वेतन ₹11,515 निर्धारित था, लेकिन उन्हें केवल ₹2,200 ही दिए जाते थे। शेष राशि आरोपी द्वारा दबाव बनाकर PhonePe और Paytm के माध्यम से अपने परिचित उदय कुलदीप के खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी।
जांच में सामने आया कि यह कथित गबन 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच लगातार किया गया, जिसमें कुल ₹1,49,384 की राशि की हेराफेरी हुई।
विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट, बैंक अभिलेखों और यूपीआई लेन-देन के साक्ष्यों के आधार पर थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 550/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने 51 वर्षीय भूपेन्द्र कुमार कुलदीप, निवासी विश्वविद्यालय परिसर, को गिरफ्तार कर लिया। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
थाना प्रभारी निरीक्षक केशव राम कोशले के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पद का दुरुपयोग कर आर्थिक शोषण, अवैध वसूली या वित्तीय अनियमितता करता है तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम थाने को दें। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शौर्यपथ विशेष:
यह मामला केवल आर्थिक गड़बड़ी का नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा कथित रूप से अपने अधिकारों के दुरुपयोग का भी है। यदि जांच में आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं, तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।