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भिलाई की प्रारंभिक मतदाता सूची पर बवाल! 13 वार्डों की सीमाओं में बदलाव पर विधायक देवेंद्र यादव ने उठाए सवाल

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विधायक की चेतावनी— आपत्तियों की अनदेखी हुई तो जाएंगे कोर्ट; मतदाताओं के वार्ड और मतदान केंद्र बदलने से निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई की प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद वार्डों की सीमाओं और मतदान केंद्रों में बदलाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित सूची में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाते हुए भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से सुनवाई नहीं हुई, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

विधायक यादव के अनुसार, भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 33 वार्डों में से 13 वार्डों की सीमा रेखा में बदलाव किया गया है। उनका आरोप है कि कई इलाकों के मतदाताओं को दूसरे वार्डों और मतदान केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे मतदाताओं के सामने अपने वार्ड, मतदाता सूची में दर्ज विवरण और मतदान केंद्र की पहचान को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है।

चार वार्डों में बदलाव को लेकर विशेष आपत्ति

विधायक ने चार वार्डों में सामने आई विसंगतियों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से बदलावों की स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।

वार्ड 39 सुभाष नगर: विधायक के मुताबिक, सड़क नंबर 1, 2, 3, 5 तथा 6 से 10 तक के मतदाताओं को लेकर वार्ड 48 के बूथ में शामिल किए जाने और सड़क नंबर 6 से 10 तक के क्षेत्र को वार्ड 38 सोनिया गांधी नगर में जोड़े जाने का उल्लेख है। इस विवरण में स्पष्टता की कमी होने का आरोप लगाया गया है।

वार्ड 70 हुडको: सड़क नंबर 1 से 4 तक के मतदाताओं को वार्ड 69 हॉस्पिटल सेक्टर के मतदान केंद्रों में स्थानांतरित किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं।

वार्ड 48 खुर्सीपार: जोन-3 के बूथ क्रमांक 175 और 176 के लगभग 200 मतदाताओं को वार्ड 46 स्थित दुर्गा मंदिर मतदान केंद्र में जोड़े जाने का मामला उठाया गया है।

वार्ड 59 पूर्व सेक्टर-5: भाग संख्या 04 में सड़क नंबर 10 और 11 के मतदाताओं को विभाजित कर सेक्टर-2 स्थित भिलाई विद्यालय मतदान केंद्र में स्थानांतरित किए जाने तथा मार्केट क्षेत्र को वार्ड 60 सेक्टर-5 पश्चिम में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई गई है।

मतदाता सूची में पारदर्शिता जरूरी, ताकि मतदान के दिन न हो परेशानी

विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। इसमें किसी भी तरह की विसंगति या अस्पष्टता मतदाताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को वार्डों की सीमाओं में किए गए बदलावों, मतदाताओं के स्थानांतरण और मतदान केंद्रों के निर्धारण की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।

उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम, वार्ड, भाग संख्या और मतदान केंद्र ध्यानपूर्वक जांच लें तथा किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराएं।

अब अधिकारियों की भूमिका पर निगाहें

प्रारंभिक मतदाता सूची पर उठी आपत्तियों के बीच अब निगाहें नगर निगम और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि वार्डों की सीमाओं और मतदान केंद्रों में किए गए बदलावों का स्पष्ट विवरण सामने आएगा या नहीं और विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दों पर समय रहते सुनवाई होगी या नहीं।

यदि आपत्तियों का नियमानुसार निराकरण नहीं होता है, तो मामला न्यायालय तक पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, मतदाताओं की सुविधा और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन विसंगतियों की निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।

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