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अभी से शुरू हो गया नववर्ष के लिए शराब का अवैध संग्रहण , दुकानों से खरीद कर रहे हैं सुरक्षित जगहों पर संग्रहित करने का हो रहा है कार्य

  • devendra yadav birth day

दुर्ग / शौर्यपथ / नववर्ष के जश्न की तैयारी और स्वागत हर वर्ग अपने अपने स्तर से करता है कोई परिवार के साथ छुट्टिया मनाता है तो कोई तीर्थ दर्शन तो कोई पिकनिक किन्तु शराबियो की सबसे बड़ी व्यवस्था होती है ऐसे दिनों में शराब संग्रहण की और इस कार्य के लिए नशेडी प्रवित्ति के वर्ग भी अपनी तैयारी में है और शराब का अवैध संग्रहण करना अभी से शुरू हो गया है। इसके लिए सरकारी शराब दुकानों से अवैध विक्रेता तो खरीद कर रख ही रहे हैं साथ ही माह के अंतिम तीन दिनों में पुलिस चौकसी बढने व कोरोना काल में कोई नए नियम कानून निकलने के डर से अभी से अवैध शराब विक्रेता सीमावात्र्ति प्रदेश से शराब का अवैध परिवहन भी शुरू कर चुके हैं ऐसे मामले पर पुलिस की लगातार निगरानी तो है ही साथ ही कार्यवाही भी जारी है .
बता कि पुराने वर्ष की विदाई और नये वर्ष के स्वागत की बेला पर 31 दिसंबर की रात कोरोना संक्रमण की आशंका के बावजूद जोरदार जश्न मनाये जाने की संभावना दिख रही है। इसे देखते हुए शराब के अवैध कारोबार से जुड़े असामाजिक तत्वों की सक्रियता पहले से ज्यादा बढ़ गई है। इनके द्वारा नववर्ष के जश्न में खपाने के मकसद से अभी से शराब का संग्रहण किया जा रहा है। इस शराब को 31 दिसंबर की रात को सरकारी शराब दुकानों के बंद हो जाने के बाद मुहमांगी कीमत पर बेचकर असामाजिक तत्व मोटी कमाई करने में सफल रहेंगे।
गौरतलब रहे कि शराब विक्रय सरकारी स्तर पर आबकारी विभाग के माध्यम से संचालित हो रहा है। बावजूद इसके अवैध खरीदी-बिक्री पर रोक नही लग सकी है। सरकारी शराब की दुकानें सुबह 8 से रात 9 बजे तक खुली रहती है। जबकि रात 9 बजे से सुबह शराब दुकान खुलने के बीच तक शहर के अनेक इलाके में अवैध रूप से इसकी खरीदी बिक्री चलती है। अवैध रूप से इस कारोबार में संलिप्त लोग देशी शराब बेचने को प्राथमिकता में रखते हैं। लेकिन नववर्ष पर मांग बढऩे की उम्मीद से अवैध कारोबारियों ने अंग्रेजी शराब का संग्रहण भी शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि शराब के अवैध कारोबारियो ने इसके अपनी-अपनी टीम बना ली है। यह टीम अलग-अलग शराब दुकानों में दिन भर में कई दफे जाकर विभिन्न ब्रांड के शराब की खरीदी करने में लगी हुई है। खरीदे गये शराब को मुख्य सरगना सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचा रहा है। यह शराब की खेप 31 दिसंबर की रात को निकलेगी।
दरअसल नववर्ष का जश्न 31 दिसंबर की मध्य रात्रि को मनाया जाता है। इस जश्न के दौरान शराब पीने और पिलाने का दौर चलता है। रात 9 बजे शराब की सरकारी दुकानें बंद हो जाएगी। हालांकि जश्न की पहले से तैयारी कर चुके मदिरा प्रेमी अपनी जरुरत के अनुसार शराब का इंतजाम कर चुके होते हैं। इसके बाद भी कभी-कभी जरुरत बढऩे पर ऐसे लोगों के लिए अवैध कारोबारियों के पास जााने का ही विकल्प बचता है। अवैध कारोबारी ऐसे ग्राहकों से मुंहमांगी कीमत वसूल कर शराब उपलब्ध कराते हैं। इससे अवैध कारोबारियों को मोटी कमाई हो जाती है। इसी वजह से शराब का अवैध संग्रहण धड़ल्ले से शुरू हो चुका है।
जिला प्रशासन का आदेश सार्वजनिक जगह पर नहीं मनेगा जश्न
जिला प्रशासन ने नववर्ष पर सार्वजनिक जगहों में जश्न मनाये जाने की अनुमति नहीं दी है। कोरोना संक्रमण की संभावना के चलते शनिवार को कलेक्टर दुर्ग डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने दिशा निर्देश जारी किया है। इसके तहत नववर्ष के मौके पर खुले में या सार्वजनिक स्थान पर किसी भी तरह का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। आयोजन किसी भवन में हो सकती है, लेकिन इसमें क्षमता से 50 फीसदी लोगों का ही प्रवेश सुनिश्चित कराना होगा। इसमें भी बच्चे और बजुर्गो का प्रवेश प्रतिबंधित रखते हुए कोरोना से बचाव के उपायों को अपनाना जरुरी है। कार्यक्रम रात 12.30 बजे तक खत्म करना होगा।

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शौर्यपथ

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