Print this page

दिल्ली में आयोजित ट्राईबल इंडिया महोत्सव में कोरिया जिले के कृषि उत्पाद की खूब हो रही है मांग

  • doing of business

रायपुर /शौर्यपथ/ 

छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि को प्रोत्साहन देने की नीति एवं आधुनिकतम कृषि तकनीको का इस्तेमाल से कृषकों की आमदनी में इजाफा होने के साथ ही उनके उत्पाद की मांग

छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि को प्रोत्साहन देने की नीति एवं आधुनिकतम कृषि तकनीकांे का इस्तेमाल से कृषकों की आमदनी में इजाफा होने के साथ ही उनके उत्पाद की मांग दूसरे राज्यों में भी खूब होने लगी है। दिल्ली में आयोजित ट्राईबल इंडिया महोत्सव मंे कोरिया जिले के द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में कृषि से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। यहां पर कृषि उत्पादों की खूब मांग हो रही है। 16 नवंबर से 30 नवंबर तक आयोजित इस महोत्सव मंे अब तक 3 लाख से ज्यादा उत्पादों की बिक्रि हो चुकी है। 

केन्द्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं ट्राईबल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग डेवल्पमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ट्राईब्स इंडिया महोत्सव के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले ने कृषि उत्पादों के साथ प्रदर्शनी लगाकर उपस्थिति दर्ज की है। महोत्सव में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक इंजिनियर  कमलेश कुमार सिंह के साथ जिले के किसान दिल्ली हाट बाजार में शामिल हुए है। प्रदर्शनी में लगाई गई देशी सुगंधित चावल जीराफुल, रानीकाजल, लोहन्दी, लालू, देशी चावल - केतकी, छिन्दमौरी, करहनी, खिरासार, नरपती, देशी दाल - अरहर, चना, कुल्थी, मूंग, मसूर के अलावा प्राकृतिक शहद - करंज, जंगली वन तुलसी, सरसों, संगध तेल- लेमनग्रास, सेट्रोनेला, पामारोजा, लेमनग्रास चायपत्ती, हस्तनिर्मित साबुन - लेमनग्रास एवं सिन्दुर, लेमनग्रास एवं हल्दी, पामारोजा एवं सिन्दुर, पामारोजा एवं हल्दी, अगरबत्ती- लेमनग्रास एवं सेट्रोनेला, शकरकन्द आटा, देशी गाय का ए-टू घी, डिटर्जेन्ट पावडर, मास्किटो रिप्लेन्ट, सूखा मशरूम एवं मशरूम पावडर, इत्यादि उत्पाद की बिक्री अच्छी हो रही है। किसान उत्पादक संगठन के द्वारा लगभग 5 से 6 लाख रुपये के उत्पादों की पूर्ति ट्राईफेड, हस्तशिल्प विकास बोर्ड एवं खादी ग्रामोद्योग को की गई है। इस महोत्सव में लगभग 6 लाख से अधिक रुपये के उत्पादों की बिक्री अनुमानित है। अब तक 3 लाख रुपये से अधिक राशि के उत्पाद विक्रय किये जा चुके हैं। 

जिला प्रशासन के सहयोग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के तकनीकी मार्गदर्शन में कोरिया जिले के कृषकों को न सिर्फ कच्चे उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है बल्कि उत्पादों को ट्राईफेड, खादी ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प विकास बोर्ड आदि के देश भर में स्थित सेल काउन्टर एवं ऑनलाईन भी विक्रय किया जा रहा है।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ