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छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने पर रायपुर में जनआक्रोश—उग्र आंदोलन, अमित बघेल सहित दर्जनों गिरफ्तार, प्रशासन ने सुबह 5 बजे पुनः स्थापित की प्रतिमा, आरोपी अभी भी फरार Featured

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वीआईपी रोड पर मूर्ति अपमान के खिलाफ छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में राजधानी में उग्र आंदोलन, पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल समेत कई कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार।

   संघर्ष और जनदबाव के आगे प्रशासन को सुबह 5 बजे नई प्रतिमा लगाने को विवश होना पड़ा, लेकिन असली गुनहगार अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर—जनता में गहरा असंतोष।

   रायपुर। शौर्यपथ।  छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में रविवार को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में रायपुर वीआईपी चौक पर उग्र जनाक्रोश देखने को मिला। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल की अगुवाई में सैकड़ों समर्थकों ने दायर पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक ढिलाई के विरोध में सड़कों पर डट कर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों को बलपूर्वक हिरासत में लिया और उनके योगदान के बावजूद कई आवाजों को दबाने का प्रयास किया गया।

 भेजी गई पहली तस्वीर घटनास्थल की है,

   जिसमें छत्तीसगढ़ महतारी की खंडित प्रतिमा स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है—यह छत्तीसगढ़िया आत्मसम्मान पर चोट का जीवंत प्रमाण है। वहीं, दूसरी तस्वीर प्रमाण है उस एकजुट संघर्ष और जागरूकता की, जिसमें नई प्रतिमा का प्रतिष्ठापन जनता की भागीदारी और संघर्ष के बाद संभव हुआ।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे छत्तीसगढ़िया अस्मिता का अपमान बताया और प्रदेश सरकार पर तीखा सवाल दागा: "अपराधी आखिर किसके संरक्षण में हैं? अगर जनाक्रोश को नजरअंदाज किया गया तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे।"जनता की आंखों के सामने यह पूरा घटनाक्रम छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान, जागरूकता और संघर्ष की गवाही देता है।

   अब प्रदेशवासियों की यही मांग है—मूर्ति खंडित करने वालों की जल्द गिरफ्तारी हो और छत्तीसगढ़ महतारी की महानता एवं सम्मान अक्षुण्ण रहे।दोनों तस्वीरें—खंडित प्रतिमा और पुनः स्थापित मूर्ति—प्रदेश में हुंकार बनकर उस अस्मिता आंदोलन की व्यापकता को बयां करती हैं। 

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शौर्यपथ

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