रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और मानव जीवन की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा और संशोधित जानकारी के अनुसार, इस घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।
मृतकों की पहचान, एक की हालत नाजुक
मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे और अनमोल मांझी के रूप में हुई है। वहीं सत्यम कुमार की हालत गंभीर है और उसका इलाज जारी है। घटना में घायल एक अन्य युवक प्रशांत कुमार भी उपचाराधीन बताया जा रहा है। सभी मजदूर सिमरन सिटी क्षेत्र के निवासी हैं।
कैसे हुआ हादसा
मंगलवार को मजदूरों को अस्पताल के लगभग 50 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतारा गया था। बताया जा रहा है कि टैंक में उतरते ही एक मजदूर जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। उसे बचाने के प्रयास में अन्य मजदूर भी एक-एक कर नीचे उतरे, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आ गए। कुछ ही देर में दम घुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य की हालत गंभीर हो गई।
सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़
घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
सुरक्षा के नाम पर केवल साधारण मास्क दिए गए, जबकि इतने खतरनाक कार्य के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस डिटेक्टर और अन्य जरूरी उपकरण अनिवार्य होते हैं। मजदूरों को यह भरोसा भी दिलाया गया था कि टैंक में उतरने पर कोई खतरा नहीं है।
अस्पताल के बाहर हंगामा, मुआवजे की मांग
हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा भी की गई है, जिस पर बातचीत जारी है।
बड़ा सवाल
यह हादसा सीधे तौर पर यह सवाल उठाता है कि जब सेप्टिक टैंक की सफाई जैसे खतरनाक कार्य के लिए सख्त नियम और कानून बने हैं, तो फिर बिना पर्याप्त सुरक्षा के मजदूरों को मौत के मुंह में क्यों उतारा गया?
फिलहाल, एक मजदूर जिंदगी के लिए जूझ रहा है, जबकि दो परिवार अपनों को खोने के गम में डूबे हैं — और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का इंतजार जारी है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में होली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह पर्व आपसी मनमुटाव को भुलाकर रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हमें इस अवसर पर अपने भीतर की नकारात्मकताओं को त्यागकर सकारात्मकता को अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आह्वान किया कि युवा वर्ग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि होली का त्योहार परिवार और समाज के साथ मिलकर आनंद और अपनत्व के साथ मनाने की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को और मजबूत बनाते हैं।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री किरण देव, श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।