मुख्यधारा में लौटने की पहल, जेल में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘निश्चय’ योजना के तहत केंद्रीय जेल एवं महिला जेल रायपुर में आयोजित विशेष समारोह में 67 बंदियों को कौशल विकास प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। योजना के अंतर्गत बंदियों को काउंसलिंग, अपराध बोध की समझ, कौशल प्रशिक्षण एवं रिहाई के बाद स्वरोजगार हेतु बैंक ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
जेल में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल रायपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल परिसर में ही बेसिक और एडवांस कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे रिहाई के बाद रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
13 मई को लगेगा लोन मेला
रिहा होने वाले बंदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा जेल परिसर में लोन मेला आयोजित किया जाएगा, जहां स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।