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सफलता की कहानी :सफल सर्जरी से भीमे हेमला के चेहरे पर लौटी मुस्कान

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जन्मजात होंठ की विकृति का हुआ सफल उपचार, अब सामान्य जीवन जी रही हैं 22 वर्षीय युवती

रायपुर, / होंठ की जन्मजात विकृति (क्लेफ्ट लिप) एक आम समस्या है, जिसमें बच्चे के ऊपरी होंठ या तालू के ऊतक गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में पूरी तरह जुड़ नहीं पाते हैं। यह दरार केवल होंठ पर हो सकती है या नाक तक जा सकती है। सर्जरी द्वारा इसे 90ः से 100ः तक ठीक किया जा सकता है।

बीजापुर जिले के दूरस्थ बासागुड़ा गांव की रहने वाली 22 वर्षीय भीमे हेमला जन्म से होंठ की जन्मजात विकृति (क्लेफ्ट लिप) से पीड़ित थीं। इस कारण उन्हें भोजन करने, निगलने और स्पष्ट रूप से बोलने में काफी परेशानी होती थी। यह समस्या उनके आत्मविश्वास और दैनिक जीवन को भी प्रभावित करती थी।

उपचार के लिए भीमे हेमला ने जिला अस्पताल बीजापुर में संपर्क किया। यहां कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉ. विभू तिवारी के नेतृत्व में स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत उनकी सफल सर्जरी की गई। ऑपरेशन थिएटर के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयास से यह जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक पूरी हुई।

सर्जरी के बाद भीमे हेमला के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब उन्हें बोलने, निगलने और सामान्य रूप से भोजन करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। सफल उपचार से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे अब सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन जीने की ओर आगे बढ़ रही हैं।

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री नम्रता चौबे के सहयोग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी और सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के नेतृत्व में जिला अस्पताल बीजापुर में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है। इसका लाभ अब दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अपने ही जिले में मिल रहा है।

जिला अस्पताल बीजापुर में इस तरह की जटिल सर्जरी का सफल होना जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती क्षमता और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाओं का प्रमाण है। इससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो रहा है।

हितग्राही की प्रतिक्रिया

भीमे हेमला, बासागुड़ा निवासी ने बताया कि वो जन्म से इस समस्या से परेशान थी। जिला अस्पताल बीजापुर में मेरा सफल इलाज हुआ। अब मैं आसानी से बोल सकता हूं और खाना खा सकती हूं। मेरे चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ सरकार एवं डॉ. विभू तिवारी, जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।

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