एनएचएआई रायपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत कार्यशाला, अधिकारियों और इंजीनियरों को दिए व्यवहारिक दिशा-निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” थीम पर आयोजित कार्यशाला में आचरण नियमों, सतर्कता प्रक्रियाओं और मुख्य तकनीकी परीक्षक (सीटीई) निरीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनएचएआई के मुख्य सतर्कता अधिकारी आशीष नाथ ने कहा कि सतर्कता केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यप्रणाली में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ करने का आह्वान किया।
मेट्स यूनिवर्सिटी रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. के.पी. यादव ने कार्यस्थल पर नैतिकता, ईमानदारी और जिम्मेदार आचरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की दीर्घकालिक सफलता के लिए व्यावसायिक दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों का पालन भी जरूरी है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के सेवानिवृत्त अतिरिक्त महानिदेशक श्याम सुंदर पोरवाल ने अनुशासन, ईमानदारी और जवाबदेही को प्रभावी कार्यप्रणाली का आधार बताया।
गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी रायपुर आलोक कुमार ने कहा कि सड़क एवं राजमार्ग निर्माण जैसे बड़े सार्वजनिक कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता का विशेष महत्व है। इसके लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर, कन्सेशनायर, अथॉरिटी इंजीनियर और कांट्रेक्टर सहित सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय और स्पष्ट जवाबदेही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्तर पर निर्धारित प्रक्रियाओं, तकनीकी मानकों और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सतर्कता जागरूकता से अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों में दायित्वबोध मजबूत होता है और पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है। सतर्कता का उद्देश्य केवल अनियमितताओं को रोकना नहीं, बल्कि ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना है, जिसमें ईमानदारी और जवाबदेही के साथ परियोजनाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हों।
शिकायतों के निपटारे और सीटीई निरीक्षण पर भी चर्चा
कार्यशाला में एनएचएआई मुख्यालय के सतर्कता विभाग द्वारा सतर्कता मामलों की प्रक्रियाओं, शिकायतों के प्रभावी निपटारे तथा मुख्य तकनीकी परीक्षक के निरीक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं इंजीनियरों को सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों के व्यवहारिक अनुपालन और आवश्यक सावधानियों से भी अवगत कराया गया।
कार्यशाला में धर्मेंद्र कुमार राघव, जीएम विजिलेंस, एनएचएआई, डॉ. अनिल दीक्षित, ज्वाइंट डायरेक्टर, आईसीएआर, डॉ. अर्जुन कदम, डीएसपी, सीबीआई तथा संजय गौर, डीआईजी, बीएसएफ सहित क्षेत्रीय कार्यालय एवं सभी पीआईयू के अधिकारी-कर्मचारी, अथॉरिटी इंजीनियर्स, टीम लीडर्स, विशेषज्ञ और संबंधित कांट्रेक्टरों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।