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परामर्शदात्री समिति के फैसलों पर अमल नहीं, कर्मचारी संघ नाराज

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लंबित पदोन्नति, समयमान वेतनमान, पेंशन और सेवानिवृत्ति स्वत्वों के शीघ्र निराकरण की मांग; 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाने का आग्रह

दुर्ग / शौर्यपथ। जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों में कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए लिए गए निर्णयों के बावजूद लंबित प्रकरणों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला दुर्ग ने नाराजगी जताई है। संघ ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, दुर्ग को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न विभागों में लंबित कर्मचारियों के सेवा स्वत्वों और सेवानिवृत्ति संबंधी मामलों का समयबद्ध निराकरण कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी करने की मांग की है।

संघ के प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे, वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप बाबा चौहान, जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव एवं जिला सचिव शिवदयाल घृतलहरे ने कहा कि जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों में कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर उन निर्णयों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। इसके चलते कर्मचारियों के पदोन्नति, वेतनमान, पेंशन तथा सेवानिवृत्ति स्वत्वों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं।

पदोन्नति के अवसर से वंचित हो रहे पात्र कर्मचारी

संघ ने बताया कि जिले के विभिन्न विभागों में पद रिक्त होने के बावजूद विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठकें समय पर आयोजित नहीं की जा रही हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव पात्र कर्मचारियों पर पड़ रहा है और कई कर्मचारी पदोन्नति का लाभ प्राप्त किए बिना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। संघ ने रिक्त पदों के विरुद्ध पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की है।

इसी तरह समयमान वेतनमान से संबंधित अनेक प्रकरण विभागों और कोषालय स्तर पर लंबित होने का आरोप लगाते हुए संघ ने इन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने की मांग की है, ताकि पात्र कर्मचारियों को उनके वैधानिक वित्तीय लाभ समय पर मिल सकें।

पेंशन और सेवानिवृत्ति स्वत्वों में देरी पर सवाल

सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश नगदीकरण तथा समूह बीमा योजना से संबंधित भुगतान में विलंब को लेकर भी संघ ने चिंता जताई है। संघ का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को उनके देय स्वत्वों के लिए लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

संघ ने सेवापुस्तिकाओं के समय पर संधारण एवं सत्यापन की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की मांग की है। संगठन के अनुसार सेवापुस्तिका में आवश्यक प्रविष्टियों और सत्यापन में देरी के कारण अंतिम भुगतान सहित सेवानिवृत्ति स्वत्वों के प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न होती हैं।

15 दिवसीय विशेष अभियान और निगरानी समिति की मांग

कर्मचारी संघ ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित कर लंबित पदोन्नति, समयमान वेतनमान, पेंशन एवं सेवानिवृत्ति स्वत्वों के प्रकरणों के निराकरण के लिए 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाने की मांग की है। संघ का सुझाव है कि इस अभियान के दौरान विभागवार लंबित मामलों की सूची तैयार कर उनके निराकरण की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।

इसके साथ ही जिला परामर्शदात्री समिति में लिए गए निर्णयों के पालन की नियमित समीक्षा के लिए निगरानी समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है। संघ का कहना है कि विभागवार समीक्षा से यह स्पष्ट हो सकेगा कि समिति के निर्णयों पर कितना अमल हुआ और किन मामलों में अब भी कार्रवाई लंबित है।

समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

संघ ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की समस्याओं का निर्धारित समयावधि में ठोस समाधान नहीं होने की स्थिति में संगठन चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बाध्य होगा। संघ ने इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही है।
ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, दुर्ग से जिला परामर्शदात्री समिति के निर्णयों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है।

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