नई दिल्ली / शौर्यपथ / पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प दौरान एक सिख व्यक्ति के साथ बदसलूकी और पगड़ी उतरने का मामला गर्माया हुआ है. इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की सरकार की बीजेपी की ओर से जमकर आलोचना हो रही है. अब पश्चिम बंगाल के गृह विभाग ने इस मामले में अपना पक्ष रखा है और बीजेपी पर इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है.
पश्चिम बंगाल सरकार के गृह विभाग ने रविवार को ट्वीट में कहा, "पश्चिम बंगाल में हमारे सिख भाई और बहन शांति, सौहार्द और खुशी के साथ रहते हैं. हम सभी उनकी आस्था और प्रथाओं का सम्मान करते हैं. हाल ही की घटना में एक व्यक्ति को पकड़ा गया. जिसने आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों के बीच हथियार रखा हुआ था, जिसकी अनुमति नहीं थी. इस मामले को पक्षपातपूर्ण और विभाजकारी हित साधने के लिए सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है."
बीजेपी का नाम लिए बगैर बंगाल सरकार ने कहा, "एक राजनीतिक पार्टी इस मामले को सांप्रदायिक रंग दे रही है ताकि अपने तुच्छ हित को पूरा कर सके. पुलिसिंग कानून के दायरे में की गई थी. पश्चिम बंगाल सरकार सिख पंथ के सर्वोच्च सम्मान और तरीकों को लेकर प्रतिबद्ध है."
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज को लेकर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा, "ममता बनर्जी सरकार राज्य में अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) लगाने के सभी मानदंडों को पूरा करती है. ममता बनर्जी ने बंगाल को आतंकियों का गढ़ बना दिया है. ममता बनर्जी की एक्सपायरी डेट आ गई है... 2021 के चुनाव में उन्हें जवाब मिलेगा. मैंने आज तक इतनी निर्दयी मु्ख्यमंत्री नहीं देखा."