Print this page

बिहार के प्रेमी जोड़े पर था ऑनर किलिंग का खतरा, दिल्ली महिला आयोग ने इस तरह बचाई जान

  • devendra yadav birth day

नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार के एक प्रेमी जोड़े को पहले तो लड़की के परिवार के विरोध का सामना करना पड़ा था, फिर बाद में पता चला था कि लड़की की जान को खतरा भी है. जानकारी है कि लड़की के परिवार वाले और धार्मिक संगठन विवाह के खिलाफ थे और लड़के-लड़की को मारने का प्रयास था. इस मामले का पता चलने के बाद दिल्ली महिला आयोग ने इस जोड़े को ऑनर किलिंग से बचा लिया और दिल्ली वापिस लाकर सुरक्षा भी दिलवाई है.
दिल्ली महिला आयोग ने बताया कि आयोग को लड़के ने ईमेल के ज़रिए शिकायत भेजी थी और बताया था कि वो और बिहार की रहने वाली लड़की सुशीला (नाम बदला गया) एक दूसरे से प्यार करते हैं और वो इंदिरापुरम में साथ में रह रहे थे. सुशीला के पिता को पता लगते ही उसके परिवार वाले सुशीला को इंदिरापुरम से वापिस बिहार लेकर चले गए हैं. जब शिकायतकर्ता से लड़की की जानकारी मांगी तो उसने बताया कि लड़की से उसकी आखिरी बार बात कुछ समय पहले हुई थी और उसके बाद से उसका फोन बंद है. लड़की ने उसे बताया था कि उसे भगवती स्थान मंदिर के पास किसी जगह पर रखा गया है. इसके अतिरिक्त लड़के के पास लड़की कि कोई जानकारी नहीं थी. उसे केवल लड़की के पिता का नाम पता था.
आयोग ने मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए बिहार पुलिस से संपर्क किया, जिसपर पुलिस ने बताया कि केवल भगवती स्थान मंदिर की जानकारी के जरिए लड़की की तलाश बहुत मुश्किल है. इसके बाद आयोग की सदस्या फ़िरदौस खान ने मधुबनी जिले के एसएसपी से संपर्क किया और उन्हें कहा कि भगवती स्थान मंदिर के पास रहने वाले लड़की के पिता की तलाश करें. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने लड़की को पंडौल क्षेत्र से ढूंढ निकाला. पंडौल के SHO ने बताया कि लड़की की जान को खतरा है क्योंकि लड़की के परिवार वाले और साथ ही कुछ धार्मिक संगठन उन्हें मारना चाहते हैं.
आयोग ने संबंधित जिलाधिकारी से बात की और लड़की को पटना के शेल्टर होम में रखवाया गया. इसके बाद बिहार पुलिस ने लड़की को दिल्ली लाने का प्रबंध किया तो खतरे का अंदेशा देखते हुए एक बार दिल्ली लाने का प्रयास असफल रहा. इसके बाद लड़की को कुछ दिन बाद ट्रेन के जरिए दिल्ली लाया गया. लड़की और लड़के को दिल्ली में दिल्ली महिला आयोग में ही मिलवाया गया और कोर्ट में उनकी सुरक्षा के लिए महिला आयोग द्वारा लड़की से अर्जी डलवाई गई. कोर्ट ने दोनों को सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए और अब दोनों साथ में खुशी से रह रहे हैं और जल्द विवाह करने वाले हैं.
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, 'दोनों की जान को लगातार खतरा बना हुआ था, लड़की के माता पिता और कुछ धार्मिक संगठन उन्हें जान से मारना चाहते थे, हमने बिहार पुलिस के साथ मिलकर उन्हें बचाया और दिल्ली लाकर उन्हें सुरक्षा भी दिलवाई. इस मामले में आयोग ने अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाते हुए प्रेमी जोड़ी की सहायता की.'

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ