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भारत-वियतनाम संबंधों को नई ऊंचाई: ‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का ऐलान, व्यापार 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

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नई दिल्ली |  (शौर्यपथ समाचार)

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी एवं राष्ट्रपति श्री तो लम के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में भारत-वियतनाम संबंधों को नई दिशा देते हुए “एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” की घोषणा की। इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार, तकनीक, संस्कृति, सुरक्षा और कनेक्टिविटी सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति तो लम का भारत में स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रपति बनने के एक महीने के भीतर ही उनकी भारत यात्रा इस बात का प्रमाण है कि वियतनाम भारत के साथ अपने संबंधों को कितनी प्राथमिकता देता है। उन्होंने विशेष रूप से बोधगया से यात्रा की शुरुआत को दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत-वियतनाम द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 16 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसे वर्ष 2030 तक 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें दवा नियामक संस्थाओं के बीच समझौता, कृषि एवं मत्स्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा और नए बाजारों तक पहुंच शामिल है। अब वियतनाम में भारत के अंगूर और अनार पहुंचेंगे, जबकि भारत में वियतनाम के डूरियन और पोमेलो जैसे फलों की उपलब्धता बढ़ेगी।

दोनों देशों ने भारत-आसियान व्यापार समझौते को वर्ष के अंत तक अद्यतन करने पर भी सहमति जताई, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, क्रिटिकल मिनरल्स, दुर्लभ खनिज और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए हवाई सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ वित्तीय क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने और भारत की यूपीआई प्रणाली को वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जोड़ने पर सहमति बनी है। इसके अलावा राज्य-से-राज्य और शहर-से-शहर सहयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वियतनाम भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” और “विजन महासागर” का महत्वपूर्ण स्तंभ है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों का साझा दृष्टिकोण है और रक्षा व सुरक्षा सहयोग के माध्यम से शांति, स्थिरता और कानून आधारित व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले की वियतनाम द्वारा की गई कड़ी निंदा और आतंकवाद के खिलाफ भारत के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत और वियतनाम अपनी आर्थिक सुधार नीतियों, सुशासन और प्रतिभा के बल पर तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं। उन्होंने बौद्ध दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि “यदि आप किसी और के लिए दीप जलाते हैं, तो वह आपके अपने मार्ग को भी प्रकाशमान करता है।”

उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और वियतनाम मिलकर विकास की राह पर आगे बढ़ेंगे और साझा लक्ष्यों को हासिल करेंगे—“हम साथ चलेंगे, साथ बढ़ेंगे और साथ जीतेंगे।”

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