July 28, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    दुर्ग में जमीन विवाद से घिरी भाजपा की साख : पार्षद निलेश अग्रवाल पर राजनीतिक प्रभाव और सत्ता की ताकत के दुरुपयोग के आरोप, सीमांकन विवाद ने बढ़ाई चर्चाएं Featured

    • rounak group

       दुर्ग । शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी एवं भाजपा पार्षद निलेश अग्रवाल एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। इस बार मामला वर्षों पुराने भूमि सौदे और सीमांकन विवाद से जुड़ा है, जिसमें राजनीतिक प्रभाव, प्रशासनिक दबाव और सत्ता के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। पूरे घटनाक्रम ने न केवल राजस्व प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भाजपा की स्थानीय छवि को भी प्रभावित करने वाली स्थिति निर्मित कर दी है।

    भूमि स्वामी रजत सुराना ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2005 में उन्होंने पवन अग्रवाल से खसरा नंबर 80/3 की भूमि खरीदी थी। इसी खसरा नंबर की भूमि कई अन्य लोगों को भी वर्षों पहले बेची जा चुकी है। उस समय खरीदारों के आवागमन के लिए लगभग 30 फीट और 60 फीट चौड़ी सड़क छोड़ी गई थी, जिसका उपयोग आज भी रहवासी कर रहे हैं।

    आरोप है कि अब पवन अग्रवाल के पुत्र और भाजपा पार्षद निलेश अग्रवाल उक्त सड़क-रास्ते की भूमि को रजत सुराना की भूमि खसरा नंबर 80/352 में समायोजित कराने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि पूर्व में स्वयं पवन अग्रवाल विभिन्न राजस्व प्रकरणों में यह स्वीकार कर चुके हैं कि उक्त बची हुई भूमि सड़क-रास्ते के रूप में उपयोग में है।

    सत्ता का प्रभाव या प्रशासनिक निष्पक्षता पर दबाव?

    शहर में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि भाजपा पार्षद होने और सत्ता से निकटता के कारण निलेश अग्रवाल प्रशासनिक तंत्र पर प्रभाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि वे स्वर्गीय हेमचंद यादव के पुत्र भाजपा नेता जीत यादव के करीबी माने जाते हैं, जिनकी प्रदेश स्तर तक मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है। हालांकि जीत यादव की राजनीति में साफ-सुथरी छवि मानी जाती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर निलेश अग्रवाल को लेकर लगातार विवाद सामने आने से भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी असहज स्थिति निर्मित हो रही है।

    सूत्रों के अनुसार, महापौर अलका बाघमार से करीबी संबंधों को लेकर भी प्रशासनिक दबाव की चर्चाएं तेज हैं। सीमांकन प्रक्रिया के दौरान जिस प्रकार आपत्तियों और दस्तावेजों को लेकर विवाद सामने आया, उसने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

    स्वास्थ्य प्रभारी के कार्यकाल पर पहले से उठते रहे हैं सवाल

    निलेश अग्रवाल वर्तमान में दुर्ग निगम में स्वास्थ्य प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में शहर की सफाई व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही है। शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर, बदबूदार वातावरण और अव्यवस्था को लेकर आम नागरिकों में नाराजगी बनी हुई है। वार्ड के स्थानीय निवासियों द्वारा भी निष्क्रियता और जनसमस्याओं की अनदेखी के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

    ऐसे में अब भूमि विवाद में उनका नाम सामने आने से विपक्ष को भाजपा और निगम प्रशासन पर निशाना साधने का अवसर मिल गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह विवाद भाजपा की छवि को स्थानीय स्तर पर नुकसान पहुंचा सकता है।

    निष्पक्ष जांच की मांग तेज

    भूमि स्वामी रजत सुराना ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि पूरे सीमांकन प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा वास्तविक सड़क-रास्ते की भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में पृथक दर्ज किया जाए। साथ ही विवादित प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और राजनीतिक हस्तक्षेप की भूमिका की भी जांच की मांग उठ रही है।

    फिलहाल यह मामला केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सत्ता, प्रशासन और राजनीतिक प्रभाव के उपयोग को लेकर दुर्ग की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

    Rate this item
    (1 Vote)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision