आस्था /शौर्यपथ / श्रीकृष्ण के बहुत सारे भक्त उनके बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा और सेवा करते हैं. लड्डू गोपाल की पूजा के साथ-साथ बच्चे की तरह देखभाल भी की जाती है. उनके पूजा की विधि में देखभाल भी शामिल होता है. उन्हें भोग के साथ वस्त्र पहनाने का भी ध्यान रखना पड़ता है. आइए जानते हैं लड्डू गोपाल को सुलाने से पहले क्या करने से भगवान होते हैं अत्यंत प्रसन्न.
अकेले छोड़कर न जाएं
लड्डू गोपाल को भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप माना जाता है इसलिए, उन्हें घर में अकेले छोड़कर नहीं जाना चाहिए. खासकर अगर आप एक दो दिन से अधिक दिनों के लिए कहीं जा रहे हैं तो या तो अपने साथ ले जाएं या किसी रिश्तेदार या परिचित को सौंप दें ताकि, उनकी सेवा में विघ्न न आए.
शयन कराने के समय ध्यान रखें
लड्डू गोपाल के दिन में दो बार शयन करना चाहिए. एक बार दोपहर में भोग और दूसरी बार रात में लगाएं. शयन के दौरान मंदिर का परदा बंद कर देना चाहिए. सर्दी के मौसम में भगवान को कंबल से ढक दें.
सोने के पहले करें ये
रात में लड्डू गोपाल को सुलाने से पहले दूध का भोग लगाना चाहिए. इसके लिए चांदी या सोने के पात्र का उपयोग उत्तम माना गया है. अगर सोने या चांदी का पात्र नहीं हो तो तांबे या पीतल के पात्र में भोग लगाएं. भोग लगाने के पहले पात्र को अच्छी तरह साफ जरूर कर लें. ऐसा करने से भगवान श्रीकृष्ण सदा कृपा बनाएं रखेंगे.