दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना संकट काल में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार व प्रदेश में भाजपा के खिलाफ लगातार अनर्गल आरोप लगाकर हमला बोल रही कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू व अन्य कांग्रेस नेताओ पर आज जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन सहित युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने जोरदार पलटवार करते हुए अपनी कांग्रेस सरकार का गुणगान करने व भाजपा के खिलाफ निरंतर दुष्प्रचार करने पर कांग्रेस नेताओ से सवाल किया है कि वे खुद बताए कोविद 19 के संक्रमण के फैलाव के पूर्व मुख्यमंत्री सहित सरकार के 13 मंत्रियों की फौज को महारथी होने का तमगा लगाकर महीना मंडन करने वाले मंत्री आज संकट की घड़ी में कहा है और आज तीन महीने से अधिक के इस कठिन दौर में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किस गरीब मजदूर के खाते में पैसा भेजकर मदद पहुंचाया है और कितने लोगो को स्वास्थ्य क्षेत्र से लेकर प्रवासी मजदूरों तक अपने दम पर सहायता उपलब्ध कराया है।
प्रदेश व जिले के कांग्रेस नेताओ द्वारा लगातार केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय सहित भाजपा नेताओं पर की जा रही औचित्यहीन आरोपों पर भाजयुमो ने भी अब आक्रमक रुख अख्तियार कर लिया है और आज जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन,महामंत्री नितेश साहू,ओम यादव,उपाध्यक्ष राहुल पंडित,मंत्री राहुल दीवान,राहुल तिजिल,प्रचार मंत्री राजा महोबिया,गौरव शर्मा,,उत्तम साहूअनुपम मिश्रा सहित सभी जिला पदाधिकारियों ने प्रदेश कांग्रेस नेताओ द्वारा संकट के इस भयानक दौर में प्रदेश के लोगो को मदद पहुंचाने के बजाय दुनिया में सबसे पहले पूरे देश में जनता को सुरक्षित रखने व कोरोना वायरस रोकने लॉक डाउन जैसे साहसिक निर्णय लेने वाले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र की भाजपा सरकार पर जनता की बढ़ती भरोसा को तोड़ने गरीबों व प्रवासी मजदूरों को मदद पहुंचाने व उनका मनोबल बढ़ाने के बजाए उन्हें उकसाकर भ्रम फैलाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर प्रदेश व स्थानीय स्तर के कांग्रेसी अब अपनी नाकामी छिपाने भाजपा पर निरंतर दोषारोपण कर रहे है भाजयुमो नेताओ ने आगे कहा कि प्रदेश में जब से कांग्रेस सरकार बनी है तब से प्रदेश बदहाली की ओर जा रहा है भूपेश बघेल सरकार ने अपनी चुनावी वादा पूरा करने के फेर में 9 बार प्रदेश की जनता के प्रतिभूतियों को गिरवी रखकर 10 हजार करोड़ से अधिक का लोन लिया है और इसको केवल चुनावी वादे पूरा करने में लगा रहा है जिसके कारण प्रदेश में अर्थ व्यवस्था बदहाल हो गया है जबकि कोरोना संकट के कारण विगत 3 महीने से
संगठित क्षेत्र में कार्यरत प्रदेश के ठेला खोमचा लगाने वाले,कारपेंटर बढ़ाई कुली, दर्जी होटल या किराना दुकान जैसे क्षेत्रों में कार्यरत कई दिहाड़ी मजदूर जिनका प्रदेश के तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा श्रम कार्ड बनाना प्रारम्भ किया गया था जो आज कि स्थिति में 15लाख से अधिक संगठित व असंगठित श्रमिक पंजीकृत हुआ है जिनके खाते में राज्य सरकार ने अब एक ढेला तक नहीं डाल पाया है और केंद्र की मोदी सरकार से मिलने वाली राशि से कोरोना जांच से लेकर उपचार तक की जा रही खर्च को अपनी उपलब्धि बताकर झूठी वाहवाही बटोरने की कोशिश कर रहे है भाजयुमो नेताओ प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सहित अन्य नेताओ द्वारा केंद्र की मोदी सरकार व भाजपा नेताओं पर की जा रही अनर्गल दुष्प्रचार करने की निंदा करते हुए कहा है कि संकट की घड़ी में गरीब जरूरतमंद व प्रवासी मजदूरों को मदद करने बजाय अपनी सरकार में होने का दायित्व पूरा करे तो बेहतर होगा।