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सार्वजनिक मंच पर एक किंतु दिल से अलग ऐसा है दुर्ग कांग्रेस का हाल Featured

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दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग कांग्रेस में काफी सालों तक वोरा परिवार का दबदबा रहा किंतु वर्तमान स्थिति में अगर देखा जाए तो दुर्ग कॉन्ग्रेस अब दो फाड़ स्थिति में नजर आ रही है दुर्ग कांग्रेस में सक्रिय अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल निभाने वाले आर एन वर्मा पूर्व महापौर को हटाने के बाद जब नए कांग्रेस अध्यक्ष गया पटेल को यह जिम्मेदारी दी गई तब से दुर्ग कांग्रेस में संगठन निष्क्रिय स्थिति में ही नजर आती है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सभा में खाली कुर्सियां इस बात का प्रमाण है कि दुर्ग कांग्रेस संगठन कितनी ज्यादा निष्क्रिय है वही राजीव भवन उद्घाटन के समय जिस प्रकार से पूरा संचालन दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष एवं वर्तमान महापौर नगर निगम चरोदा निर्मल को संभाला उससे भी या संदेश जाता है कि दुर्ग कांग्रेस संगठन सिर्फ नाम मात्र की ही नजर आ रही है वहीं अगर वर्तमान राजनीतिक परिवेश में देखा जाए तो दुर्ग कांग्रेस में एक समय बिना वोरा बंगले की रजामंदी के कोई कार्य नहीं होता था आज कई गुट सामने आ चुके हैं प्रदेश के गृह मंत्री के समर्थकों की संख्या दुर्ग में भी बहुतायत हो गई है , वही भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को भी अपना नेता मानने वाले दुर्ग में है दूसरी तरफ राजेंद्र साहू , राजेश यादव, लक्ष्मण चंद्राकर, प्रतिमा चंद्राकर ,के समर्थकों की संख्या भी काफी बढ़ गई है । हालांकि सामने सभी एक होने कि बात करते है किंतु वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल जुदा है । ऐसा इसलिए भी कहा जा सकता है क्योंकि इन राजनेताओं का किसी पर्व हो या किसी नेता के बधाई संदेश में लगने वाले फोटो की प्राथमिकता और संख्या से ही यह साफ हो जाता है कि कौन किस गुट का समर्थक है और कौन किस गुट का विरोधी हाल ही में मुख्यमंत्री के जन्म दिवस की बधाई पर जिस प्रकार से पोस्टर वार नजर आया उससे यह तो साफ हो गया कि दुर्ग में अब कांग्रेस दो हिस्सों में बढ़ चुका है ऐसे में दुर्ग में यह चर्चा जोरों पर है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेसमें भीतरी घात अपनी चरम सीमा पर है यह जिस प्रकार से विधायक अरुण वोरा के समर्थकों की संख्या लगातार गिरती जा रही है उससे चर्चा यह भी है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में विधायक वोरा कि हार है भी हो सकती है जिस प्रकार से विधायक के खिलाफ दुर्ग में कई कांग्रेसी मुखर हो गए हैं कई सामने से तो कई पर्दे के पीछे से मुखर हुए हैं उससे आने वाले चुनाव में विधायक वोरा के लिए काफी मुश्किल है खड़ी हो सकती हैं । जिस तरह से कांग्रेस से बगावत कर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले आज करीबी बन गए हैं वह भी कई कांग्रेसियों को रास नहीं आ रहा । वहीं दूसरी ओर शहर की बदहाल स्थिति भी विधायक वोरा के लिए मुश्किलें खड़ा कर देंगे आज शहर की स्थिति काफी बदहाल है चाहे वह सड़क समस्या हो नाली समस्याओं सफाई समस्या हो बिजली समस्या हो या पानी समस्या हर मामले में दुर्ग शहर की स्थिति काफी दयनीय है । निगम क्षेत्र के हर कार्य में विधायक वोरा के अपरोक्ष दखल से भी कांग्रेसियों में काफी नाराजगी है ।

चर्चा यहां तक है कि दुर्ग के सामाजिक स्तर में अपनी पहचान बनाने वाले कई दिग्गज भी और अब वोरा बंगले से नाराज चल रहे हैं वहीं कई कांग्रेसी पार्षद और एम आई सी सदस्य भी उपेक्षा के शिकार होकर बंगले से दूर हो गए हैं भले ही आज सामने समर्थन में नजर आते हैं किंतु जमीनी स्तर पर सभी दूरी बनाते जा रहे हैं अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले विधानसभा चुनाव में निश्चित ही कांग्रेस को दुर्ग की सीट गवानी पड़ सकती है वैसे यह भी कहा जाता है कि विधायक वोरा चुनाव के पहले सभी नाराज लोगों को साध लेंगे जैसा कि हर बार साधते आए हैं अब देखना यह है कि बाहर से एक दिखने वाली कांग्रेस अंदर से कब  एक होगी....

नोट *यह लेख दुर्ग के निवासियों एवम राजनीतिक से जुड़े लोगों से चर्चा के आधार पर 

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