रायपुर। शौर्यपथ । प्रदेश में विधान सभा चुनाव साल के आखिरी मे होने वाले हैं ऐसे में सभी राजनितिक दल इसकी तैयारियों के लिए अपनी कमर कस चुकी है। कांग्रेस से भी घोषणा पत्र समिति के लिए एक बार फिर टी एस सिंह देव को अध्यक्ष बनाने की बात हो रही है किन्तु मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के डिप्टी सीएम सिंह देव ने इस ज़िम्मेदारी को लेने से मना कर दिया है।
सरकार हमेशा से यहा दावा करती रही है कि घोषणा पत्र के ज्यादातर वादे पूरे किए गए लेकिन इन दावों से टीएस सिंहदेव हमेशा ही असंतुष्ट नजर आए। कई बार उनकी तरफ से ये खुलकर कहा गया कि घोषणा पत्र के ज्यादातर वादे पूरे किए गए लेकिन कई अहम वादे छूट भी गए जिन्हें पूरा करना बेहद जरूरी था। इसमें संविदा, अनियमित और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग सबसे ऊपर थी। हांलाकि उस समय ये भी कहा गया कि टीएस सिंहदेव की असंतुष्टि का कारण ढाई-ढाई साल का मसला और सीएम भूपेश बघेल और उनके बीच खींचतान है।
टीएस सिंहदेव ने क्या कहा था
टीएस सिंहदेव ने कहा कि, कांग्रेस की घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष के रूप में तो मैं नहीं रहूंगा। उन्होंने कहा कि अब समय उतना नहीं बचा कि सभी से बात हो सके। सिंहदेव ने कहा कि, मैंने कहा भी है मैं समिति में नहीं रहना चाहूंगा, लेकिन सदस्य के रूप में या फीडबैक देने के लिए मैं हमेशा उपलब्ध हूं। पिछले विधानसभा चुनाव में सिंहदेव ने ही घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने आम लोगों से बात कर कांग्रेस का मेनिफेस्टो तैयार किया था। जिसके बाद चुनाव में कांग्रेस को बंपर जीत मिली थी।