दुर्ग। शौर्यपथ। 1 मार्च को दुर्ग नगर निगम की शहरी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो चूका है और 5 साल बाद एक बार फिर शहरी सरकार की जिम्मेदारी नारी शक्ति के हाथ में होगी। महापौर के शपथ ग्रहण के बाद पूर्ण बहुमत में आने वाली भाजपा सभापति के चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन के लिए भीड़ जाएगी. पूर्ण बहुमत के साथ आने के कारण सभापति भारतीय जनता पार्टी का बनना तय है ऐसे में शहरी सरकार यह नहीं चाहेगी कि जो गलती कांग्रेस की शहरी सरकार ने की है वही गलती भाजपा की शहरी सरकार करें। कांग्रेस की शहरी सरकार के समय सभापति के रूप में राजेश यादव दुर्ग निगम में शहरी सरकार में थे सभी को ज्ञात है कि सभापति कक्ष से ही दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा के खिलाफ विरोध के स्वर बुलंद हुए थे सभापति कक्ष में ही तात्कालिक विधायक अरुण वोरा के विरोधियों का जमघट लगा रहता था. विरोध की चिंगारी कब आग बनी और उसके तूफान ने दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के लाडले विधायक अरुण वोरा को विधानसभा चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा।
ऐसी राजनीतिक चर्चा रही थी कि भारतीय जनता पार्टी का चुनावी मुकाबला कांग्रेस से जरूर था परंतु कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा को भारतीय जनता पार्टी से ज्यादा कांग्रेसियों से ही मुकाबला करना पड़ा कांग्रेसियों ने जबरदस्त भीतरी घात किया और अरुण वोरा की 48000 से ज्यादा वोटो से हार हुई।
अब एक बार फिर शहर में नई पारी की शुरुआत होने वाली है राजनीति में गुटबाजी कोई बड़ी बात नहीं सभी पार्टी में गुट बाजी होती है इस गुटबाजी को दूर करने या इसे पनपने से रोकने के लिए शहरी सरकार ऐसे किसी पार्षद को सभापति के लिए निर्वाचित नहीं करेगी जो शहरी सरकार के प्रमुख से अलग चले और उनके समूह का ना हो. ऐसे में शहरी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी यह है कि उसे ऐसे व्यक्ति को सभापति के रूप में चुनना है जो उनके साथ मिलकर चले ना कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय जो नजारा देखने को मिला वही नजारा एक बार फिर सभापति कक्ष मे देखने को मिले. ऐसे में अब सभी को इंतजार है कि शहर में सभापति के रूप में भारतीय जनता पार्टी के किस पार्षद की किस्मत खुलेगी और शहरी सरकार में किस किस को शहरी सरकार मे मंत्री की भूमिका मिलेगी.
शहरी सरकार मे सभापति के लिए प्रमुखता से श्याम शर्मा, साजन जोसेफ,काशीराम कोसरे,नरेंद्र बंजारे, देव नारायण चंद्राकर,, शिव नायक, रामचंद्र सेन, कुलेश्वर साहू, शेखर चंद्राकर, आशीष चंद्राकर, गुलाब वर्मा का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है परंतु राजनीतिक हलको में यह भी चर्चा है कि इसमें से आधे से ज्यादा पार्षद विधायक गजेंद्र यादव के कट्टर समर्थको मे गिने जाते हैं वही कुछ ग्रामीण विधायक चंद्राकर के करीबी बताये जा रहे हैं ऐसे में इन सब के बीच में किसके नाम की चर्चा प्रमुखता से होगी यह चर्चा दुर्ग के राजनीतिक क्षेत्र में वर्तमान समय में चर्चा का विषय है सभापति का चुनाव 7 मार्च को होना है 7 मार्च के पहले भाजपा की शहरी सरकार को यह तय करना है कि सभापति के लिए किसके नाम पर सहमति बने जो सभी सरकार के मुखिया के साथ सामंजस बैठ कर शहर के विकास की दिशा में काम करें ना कि पूर्व की शहरी सरकार में हुए गुटबाजी की घटना की पुनरावृत्ति करें.