भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार की नई जमीन गाइडलाइन से प्रदेशभर में मचे आक्रोश के बीच भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापारियों पर किए गए बल प्रयोग और लाठीचार्ज को “तानाशाही रवैया” करार देते हुए कड़ी निंदा की है।
विधायक ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे व्यापारियों और आम नागरिकों पर लाठियाँ बरसाना लोकतंत्र का दमन है और भाजपा सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है।
विधायक यादव ने इसकी विरोधस्वरूप 4 दिसंबर को महात्मा गांधी चौक, दुर्ग में सुबह 9 बजे से एकदिवसीय भूख-हड़ताल करने की घोषणा की है। उन्होंने मांग रखी कि राज्य सरकार तुरंत जमीन की नई गाइडलाइन को वापस ले, क्योंकि इसके लागू होते ही भूमि की कीमतों में 5 से 6 गुना तक की वृद्धि देखी जा रही है, जिससे रियल एस्टेट व्यवसाय, गृह निर्माण की योजना बना रहे परिवार और आम जनता सभी पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
प्रदेशभर के रियल एस्टेट कारोबारी और जमीन से जुड़े हितग्राही लगातार जिला स्तर पर विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारी इसे सरकार का अत्यंत जनविरोधी फैसला बता रहे हैं।
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा—
“व्यापारियों और जनता पर लाठीचार्ज सरकार के कुशासन की तस्वीर है। सरकार जनता की आवाज़ कुचलने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
नई गाइडलाइन के विरोध में आंदोलन तेज होता जा रहा है और 4 दिसंबर की भूख-हड़ताल इस मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाली मानी जा रही है।