खेल / शौर्यपथ / पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के मौजूदा तनाव को देखते हुए इन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज होना बहुत मुश्किल है। स्काई स्पोर्ट्स की डॉक्यूमेंटरी में पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इमरान ने कहा, ''इस माहौल में क्रिकेट बहुत उपयोगी नहीं होगा। भारत में जिस तरह की सरकार है, मैं यही कहूंगा इस भयानक समय में द्विपक्षीय सीरीज संभव नहीं है।''
2008 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच कोई टेस्ट सीरीज नहीं हुई है। मुंबई हमले के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज विराम लग गया था। हालांकि, 2012 में पाकिस्तान ने व्हॉइट बॉल क्रिकेट के लिए भारत दौरा किया था। पाकिस्तान ने इमरान खान के नेतृत्व में 1992 का विश्व कप जीता था। वह भारत में 1979 और 1987 में दो सीरीज खेल चुके हैं। तब दोनों देशों के बीच क्रिकेट के लिए अच्छा माहौल था।
इमरान खान ने कहा, ''स्टेडियम में दर्शकों की भीड़ होती थी और सरकार भी आपसी बाधाओं को दूर कर रही थी, यानी मैदान पर माहौल अच्छा था। 1979 में दोनों देश क्रिकेट में अच्छे थे, लेकिन 1987 में जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने भारत का दौरा किया मैं कप्तान था, उस समय माहौल ठीक नहीं था। दोनों देशों के बीच तनाव था, इसलिए दर्शकों के व्यवहार में भी नफरत दिखाई दे रही थी।
इमरान खान ने कहा कि भारत ने 2005 में पाकिस्तान का दौरा किया और भीड़ ने मेहमान टीम को चीयर किया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पाकिस्तान सीरीज एशेज से भी बड़ा ईवेंट है। एशेज की अपनी महत्ता है, लेकिन भारत पाकिस्तान के बीच मैच का मजा ही कुछ अलग है, क्योंकि यह अलग माहौल और बेहद तनाव, दबाव और आनंद में खेला जाता है।
उन्होंने कहा, ''भारत और पाकिस्तान सीरीज हीरोज पैदा करती है और जो परफॉर्म नहीं कर पाते, उन्हें खलनायक बना देती है।'' इमरान खान ने टेस्ट फॉर्मैट को बेस्ट बताते हुए कहा कि टी-20 में जिस तरह के स्ट्रोक खेले जाते हैं, उनसे वह बहुत प्रभावित हुए हैं। इमरान ने कहा कि यदि टी20 का कोई करीबी मैच हो तो वह मजेदार होता है, लेकिन मेरे लिए टेस्ट ही श्रेष्ठ है।