February 05, 2023
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स्पोर्ट्स (368)

खेल /शौर्यपथ / कराची टेस्ट मैच के तीसरे दिन कुछ ऐसा हुआ है जिसकी चर्चा हो रही है. दरअसल, टेस्ट मैच का तीसरा दिन जब शुरू हुआ तो पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम  मैदान पर नहीं उतरे थे. रिपोर्ट के अनुसार वायरल फ्लू से ग्रसित होने की वजह से बाबर  तीसरे दिन मैदान पर फील्डिंग करने नहीं आ पाए थे. ऐसे में उनकी नजह सब्स्टीट्यूट के तौर पर मोहम्मद रिजवान मैदान पर गए . लेकिन पहले सेशन के दौरान रिजवान 'कप्तान' की तरह अपने खिलाड़ियों को दिशा-निर्देश देते हुए नजर आए. रिजवान  , जो कराची में न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रहे पहले टेस्ट में पाकिस्तान के प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे लेकिन जब वो मैदान पर बतौर सब्स्टीट्यूट आए तो फील्डिंग प्लेसमेंट करते हुए देखे गए.
दरअसल, नियम के अनुसार सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मैदान पर खिलाड़ियों को दिशा-निर्देश दे कर फील्डिंग पोजिशन को चेंज कर सकता है लेकिन 'कप्तान' की तरह DRS रिव्यू लेने की अनुमती नहीं होती है.  क्रिकेट के नियम 24.1.2 में कहा गया है कि, 'सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी गेंदबाजी और कप्तान के तौर पर लाइव मैच में कार्य नहीं कर सकता है. लेकिन अंपायरों की सहमति से वह खिलाड़ी मैच में विकेटकीपर की भूमिका निभा सकता है.'
यहां पैदा हुई कंफ्यूजन की स्थिति
लेकिन जब न्यूजीलैंड की पारी के 53वें ओवर में डेवॉन कॉन्वे को लेकर LBW की अपील की गई और DRS रिव्यू लेने का वक्त आया, तब पूर्व कप्तान विकेटकीपर सरफराज अहमद  ने रिजवान के साथ बात की और फिर जाकर डीआरएस लेने का फैसला किया. जिससे यह कंफ्यूजन पैदा हो गया कि बाबर की जगह स्टैंड-इन कप्तान की भूमिका कौन निभा रहा है. हालांकि उसी वक्त रिव्यू लिया गया और कॉन्वे आउट हुए लेकिन बाद में पाकिस्तान की ओर से इस बात की सफाई दी गई कि आखिर में बाबर की जगह कौन कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभा रहा है.
असमंजस की स्थिति पैदा होने पर पाकिस्तान टीम प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि मैदान पर बाबर की जगह स्टैंड-इन कप्तान की भूमिका रिजवान नहीं बल्कि सरफराज निभा रहे हैं.  पाकिस्तानी स्पोर्ट्स पत्रकार इमरान सिद्दीकी ने भी इस बारे में ट्वीट किया और बताया कि सरफराज अहमद बाबर आजम की अनुपस्थिति में कप्तानी का कामकाज संभाल रहे हैं.

 खेल /शौर्यपथ /पाकिस्तान की सरकार ने पूर्व क्रिकेटर रमीज राजा को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड  के अध्यक्ष पद से हटाकर देश में अगले चार महीनों तक क्रिकेट का संचालन करने के लिए नजम सेठी की अगुवाई में 14 सदस्यीय पैनल नियुक्त किया है. पाकिस्तान सरकार ने बुधवार देर रात रमीज को बर्खास्त करने के संबंध में अधिसूचना जारी की. यह फैसला पाकिस्तान के इंग्लैंड के हाथों टेस्ट सीरीज में 0-3 से करारी हार के बाद लिया गया. वहीं, रमीज राजा ने नजम सेठी की नियुक्ति को एक 'राजनीतिक' कदम करार दिया है जो क्रिकेट के तर्क को खारिज करता है, अपने यू-ट्यूब चैनल पर रमीज राजा ने अपनी बात रखी है.
रमीज राजा ने कहा, एक व्यक्ति को हटाकर सेठी को नियुक्त करना पड़ा, यह बिल्कुल एक'राजनीतिक' कदम है , उन्हें इसके लिए (पीसीबी का) पूरा संविधान बदलना पड़ा. मैंने ऐसा दुनिया में कहीं नहीं देखा. यह सीजन के बीच में किया गया है, जब टीमें पाकिस्तान का दौरा कर रही हैं. उन्होंने मुख्य चयनकर्ता को बदल दिया है. रात के 2 बजे वह (सेठी) ट्वीट करते हैं कि रमीज राजा चले गए. यह मेरा खेल का मैदान है. यह होना मेरे लिए काफी दुखदायक है.'
पाकिस्तानी पूर्व कप्तान ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा, 'इसे ऐसा बनाया गया है जैसे कोई मसीहा (सेठी) आ गया हो, जो पाकिस्तानी क्रिकेट को को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. हम जानते हैं कि वह क्या कर रहा है. उन्हें किसी भी कीमत पर लाइमलाइट चाहिए. उसका क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है, और उसने कभी बल्ला नहीं उठाया है. उन्होंने मुझे बीच में ही बदल दिया,  सीजन के बीच में वे मिकी आर्थर को ला रहे हैं. सकलैन मुश्ताक का कार्यकाल वैसे भी जनवरी में खत्म हो रहा था. सकलैन ने 50 (49) से अधिक टेस्ट खेले हैं, वह एक महान खिलाड़ी है. यह क्रिकेटरों के साथ व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है.'
बता दें कि राजा जिनके पास तीन साल का अनुबंध था, लेकिन उन्हें पहले 12 महीनों के दौरान बीच में ही पद छोड़ने के लिए कहा गया, पूर्व कप्तान सेठी की नियुक्ति के पीछे कोई क्रिकेट कारण नहीं देखते हैं. इसे बस राजनीति कदम ही करार देते हैं.
इसके साथ-साथ रमीज राजा ने भारतीय क्रिकेट को लेकर भी बात की है. रमीज ने कहा, ' मुझे भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों से बहुत सम्मान मिला है. मैंने वर्षों तक भारत में रहते हुए इसका आनंद उठाया है. मुझे क्रिकेटर और कमेटेटर के तौर पर भारत में काफी प्यार मिला है.  भारत ने बिना किसी चर्चा के एशिया कप को पाकिस्तान में नहीं करना की बात की, भारत बिना किसी चर्चा के एशिया कप से हट गया जो दर्दनाक था. मैंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया था.'
वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के नये अध्यक्ष नजम सेठी ने सोमवार को यहां कहा कि अगले साल भारत में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप के लिए पाकिस्तान टीम भेजने का फैसला सरकार के स्तर पर लिया जाएगा. सेठी के पूर्ववर्ती रमीज राजा ने धमकी दी थी कि अगर भारत एशिया कप के लिए पाकिस्तान नहीं आया तो उनका देश विश्व कप से हटने पर विचार करेगा, सेठी से जब इस धमकी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार कहती है कि भारत मत जाओ तो हम नहीं जायेंगे.'
सेठी ने कराची में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ जहां तक पाकिस्तान और भारत के क्रिकेट संबंधों का सवाल है तो यह साफ है कि इस पर निर्णय हमेशा सरकार के स्तर पर लिया जाता है.'

खेल /शौर्यपथ /वीरवार को मेजबान बांग्लादेश और भारत के बीच शुरू हुए दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम के प्रदर्शन से ज्यादा दिग्गजों और फैंस के बीच चर्चा का विषय उस कुलदीप यादव   को इलेवन से बाहर करना रहा, जिन्होंने चंद दिन पहले ही चटगांव में मैच जिताऊ प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड अपनी झोली में डाला था. यही वजह है कि दिग्गज चर्चा कर रहे हैं कि आखिर यह प्रदर्शन कर  क्या कुलदीप ने कोई गलती कर दी? वैसे एक और भारतीय बॉलर रहे हैं, जिनके साथ चटगांव में करीब 12 साल पहले ही ऐसा बर्ताव किया गया, जबकि उन्होंने भी बेहतरीन प्रदर्शन  करते हुए तब प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता था.
यह खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा रहे, जिन्होंने तब चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ मैच में सात विकेट चटकाने के साथ ही अर्द्धशतक भी जड़ा था. लेकिन तब भी हुआ यह था कि मीरपुर में खेले गए अगले मैच में मिश्रा को बाहर बैठा दिया गया था.
और अब मिश्रा को बाहर बैठाने के करीब 12 साल बाद कुलदीप के साथ ऐसा बर्ताव हुआ है, यह दिग्गजों और फैंस को ज्यादा पंसद नहीं आ रहा है. मिश्रा के समय में सोशल मीडिया की आज जैसी बुलंद आवाज नहीं थी, लेकिन कुलदीप के टेस्ट से बाहर होने के साथ ही यह आवाज एक बड़ी बहस में तब्दील हो गई है, जिस पर ज्यादातर दिग्गज खुलकर बोल रहे हैं. दिग्गज सवाल कर रहे हैं कि आखिर कलाई के स्पिनर के साथ ही ऐसा बर्ताव क्यों होता है? ये कह रहे हैं कि पिच पर घास होने के कारण एक अलग से पेसर खिलाना भी था, तो फिर अक्षर को आराम क्यों नहीं? एक परफॉरमर को बाहर क्यों बैठाया गया?
पूर्व पेसर डोडा गणेश ने भी सवाल खड़ा किया है
कुलदीप के मुद्दे ने बड़ी बहस का रूप ले लिया है

खेल /शौर्यपथ / बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच 22 दिसंबर को मीरपुर में खेला जाएगा. सीरीज के पहले टेस्ट मैच में भारत ने बांग्लादेश को 188 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है. अब दूसरा टेस्ट मैच जीतकर भारत सीरीज में बांग्लादेश का पूर्ण सफाया करना चाहेगी. भारतीय टीम दूसरा टेस्ट मैच जीतकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी स्थिति और भी बेहतर करना चाहेगी. इस समय भारत टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर है. ऐसे में हर हाल में भारतीय टीम दूसरा टेस्ट मैच जीतना चाहेगी. वहीं, इस टेस्ट मैच में अश्विन और पुजारा के पास ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा.
कोहली के पास '500' क्लब में शामिल होने का मौका
भारत-बांग्लादेश टेस्ट में सबसे ज्यादा रन सचिन तेंदुलकर ने बनाए हैं. तेंदुलकर ने 7 टेस्ट मैच बांग्लादेश के खिलाफ खेले हैं जिसमें उन्होंने 820 रन बनाए हैं. वहीं, विराट कोहली के पास बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में '500 क्लब' यानि 500 रनों के आंकड़ें को पार करने से सिर्फ 88 रनों की जरूरत है. यदि किंग कोहली 88 रन दूसरे टेस्टमैच के दौरान बनानें में सफल रहते हैं तो वो बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 500 या 500 से ज्यादा रनों के आकड़ें को छूने वाले भारत के तीसरे बल्लेबाज बन जाएंगे. सचिन के बाद राहुल ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में कुल 560 रन बनाए हैं, वहीं, पुजारा ने टेस्ट में बांग्लादेश के खिलाफ कुल 438 रन बना लिए हैं.
अश्विन के पास कमाल करने का मौका
अश्विन के पास बैटिंग से कमाल करने का मौका होगा. यदि अश्विन बल्लेबाजी करते हुए 11 रन बनाने में सफल रहे तो अपने टेस्ट करियर में 3000 रन पूरा कर लेंगे. ऐसा करते ही अश्विन का नाम महान कपिल देव, शेन वार्न, रिचर्ड्स हेडली और शॉन पॉलक के साथ रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो जाएगा. दरअसल, ये सभी दिग्गज पूर्व खिलाड़ी ने अपने टेस्ट करियर में 400 से ज्यादा विकेट और 3000 से ज्यादा रन बनाए हैं. ऐसे में अश्विन के पास अनोखे रिकॉर्ड को पूरा करने का मौका होगा.
इसके साथ-साथ अश्विन टेस्ट में 450 विकेट पूरा करने में सिर्फ 7 विकेट दूर हैं. अश्विन के पास भारत की ओर से टेस्ट में सबसे तेज 450 विकेट हासिल करने का का मौका होगा. अनिल कुंबले ने भारत की ओर से टेस्ट में सबसे तेज 450 विकेट अर्जित किए हैं. कुंबले ने 93 टेस्ट मैच में इस रिकॉर्ड को बनाया था. यदि अश्विन दूसरे टेस्ट मैच के दौरान 7 विकेट लेने में सफल रहे तो वो भारत की ओर से टेस्ट में सबसे तेज 450 विकेट लेने वाले गेंदबाज बन जाएंगे तो वहीं दुनिया के दूसरे गेंदबाज होंगे जो सबसे तेज 450 टेस्ट विकेट हासिल करने का कमाल किया हो.
टेस्ट में सबसे तेज 450 विकेट लेने का रिकॉर्ड मुलरीधरन के नाम हैं. मुरली ने 450 टेस्ट विकेट 80 टेस्ट मैच में ही पूरे कर लिए थे. Ravichandran Ashwin ने अबतक 87 टेस्ट मैच खेलकर 443 विकेट लिए हैं.
पुजारा के पास इतिहास रचने का मौका
चेतेश्वर पुजारा  ने पहले टेस्ट मैच में शतक लगाकर फॉर्म में वापसी कर ली है. अब दूसरे टेस्ट मैच में पुजारा के पास एक खास रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा. अगर पुजारा 16 रन दूसरे टेस्ट मैच के दौरान बनाने में सफल रहते हैं तो उनके टेस्ट करियर में 8000 रन पूरे हो जाएंगे. पुजारा टेस्ट में ऐसा करने वाले भारत के आठवें बल्लेबाज भी बन जाएंगे. भारत की ओर से 8 हजार से ज्यादा रन सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सुनील गावस्कर, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली और सौरव गांगुली ने बनाए हैं. यानि पुजारा के इस टेस्ट में इतिहास दोहराने का मौका होगा.

खेल /शौर्यपथ / बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच 22 दिसंबर को मीरपुर में खेला जाएगा. सीरीज के पहले टेस्ट मैच में भारत ने बांग्लादेश को 188 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है. अब दूसरा टेस्ट मैच जीतकर भारत सीरीज में बांग्लादेश का पूर्ण सफाया करना चाहेगी. भारतीय टीम दूसरा टेस्ट मैच जीतकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी स्थिति और भी बेहतर करना चाहेगी. इस समय भारत टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर है. ऐसे में हर हाल में भारतीय टीम दूसरा टेस्ट मैच जीतना चाहेगी. वहीं, इस टेस्ट मैच में अश्विन और पुजारा के पास ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा.

खेल /शौर्यपथ / इंग्लैंड के युवा स्पिनर रेहान अहमद ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में इतिहास रच दिया है. दरअसल, 18 साल के रेहान टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम उम्र में डेब्यू टेस्ट में 5 विकेट हॉल करने वाले गेंदबाज बन गए हैं. उन्होंने ऐसा कर ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. कमिंस ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2011 में एक पारी में 79 रन देकर 6 विकेट लिए थे. अपने डेब्यू टेस्ट मैच के समय कमिंस18 साल और 193 दिन थे थे. वहीं, रेहान की उम्र अपने डेब्यू टेस्ट मैच के समय 18 साल और 126 दिन की है. कराची टेस्ट मैच में रेहान ने पाकिस्तान की दूसरी पारी के दौरान 48 रन देकर 5 विकेट लिए.
बता दें कि पैट कमिंस से पहले डेब्यू टेस्ट में 5 विकेट लेने वाले सबसे युवा गेंदबाज कोई और नहीं बल्कि शाहिद अफरीदी थे. 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कराची टेस्ट मैच के दौरान अफरीदी ने 52 रन देकर एक पारी में 5 विकेट लिए थे. उस समय अफरीदी की उम्र 18 साल और 235 दिन की थी.
बता दें कि इसी साल जनवरी में रेहान ने इंग्लैंड की ओर से अंडर 19 वर्ल्ड कप खेला था. अब दिसंबर में इंग्लैंड की नेशनल टीम के लिए डेब्यू कर धमाल मचा दिया. बता दें कि रेहान इसके अलावा इंग्लैंड के लिए टेस्ट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने थे.  रेहान के कमाल को देखकर पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने ट्वीट किया और लिखा, 'सपने यकीनन सच होते हैं.'
रेहान अहमद की गजब की गेंदबाजी के कारण पाकिस्तान की टीम अपनी दूसरी पारी में केवल 216 रन ही बना सकी. वहीं, इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट पर 112 रन बना लिए थे. अब चौथे इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 55 रन की दरकार है.

खेल /शौर्यपथ /पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म ने शनिवार को कराची के नेशनल स्टेडियम में तीसरे और अंतिम टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. बता दें कि पाकिस्तान रावलपिंडी में पहला मैच 74 रन से और मुल्तान में 26 रन से हारने के बाद तीन मैचों की सीरीज़ में 2-0 से पीछे है. इसी बीच कराची टेस्ट की पूर्व संध्या पर, बाबर ने नेशनल स्टेडियम में नेट्स में अभ्यास किया, जहां उन्हें पाकिस्तान के मुख्य कोच और महान स्पिनर सकलेन मुश्ताक ने एक ऐसी गेंद डाली, जिस पर पाकिस्तानी कप्तान एक दम हक्के-बक्के रह गए और अंदर आती हुई इस गेंद पर बोल्ड हो गए.
बाबर रिवर्स स्वीप खेलते दिख रहे थे, लेकिन सकलेन की एंगलिंग डिलीवरी स्टंप्स पर जाकर लगी. बाबर बीट हो गए, इसके बादनेट्स में अगली गेंद फेस करने से पहले बाबर सकलेन की ओर हैरानी से देखते हुए नज़र आए.  दूसरी तरफ इंग्लैंड की तरफ से तीसरे टेस्ट में जेम्स एंडरसन और विल जैक के स्थान पर विकेटकीपर बेन फोक्स और रेहान अहमद को लाकर दो बदलाव किए गए हैं.
रेहान, 18 साल और 126 दिन की उम्र में, इंग्लैंड के लिए डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए है. इसके अलावा पाकिस्तान के सीनियर बल्लेबाज़ अज़हर अली, जिन्होंने शुक्रवार को घोषणा की कि कराची टेस्ट उनका आखिरी होगा. 21 साल के वसीम अपना पहला टेस्ट खेल रहे हैं.

खेल /शौर्यपथ /जब भी क्रिकेट के सर्वकालिक तेज गेंदबाजों में शीर्ष दस या पंद्रह तेज गेंदबाजों की सूची बनेगी, तो एक बार को इसमें दक्षिण अफ्रीका के पूर्व पेसर एलन डोनाल्ड को भी जगह मिलेगी, जो इस समय भारत के खिलाफ पहला टेस्ट  खेल रही बांग्लादेश टीम के कोच हैं. वह अपने समय में खास तेज थे और अपनी गेंदों से ही नहीं, बल्कि शब्दों से भी बल्लेबाज को विचलित कर देते थे. एक ऐसा ही वाक्या करीब 25 साल पहले उनके और भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ के बीच भी हुआ था. यह वनडे मुकाबला था, जो दक्षिण अफ्रीका में ही 1997 में खेला गया था. और इस मैच में कुछ ऐसा हुआ था, जिससे लिए डोनाल्ड ने सार्वजनिक रूप से द्रविड से माफी मांगते हुए उन्हें डिनर के लिए आमंत्रित किया है.
सोनी नेटवर्क से बातचीत में डोनाल्ड ने कहा कि डरबन में खेले गए वनडे मुकाबले में द्रविड़ पर दागे गए "शब्द-बाण" में वह लक्ष्मण रेखा को पार कर गए थे. उन्होंने कहा कि यह एक भद्दी घटना था और मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहता. तब द्रविड़ और सचिन पिच पर जम गए थे और मैं कुछ ज्यादा ही कह गया. पूर्व पेसर बोले कि द्रविड़ के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है. मैं द्रविड़ के साथ बैठना, बात करना और उस दिन ही घटना के लिए माफी मांगना पसंद करूंगा. डोनाल्ड बोले कि मुझे केवल ऐसा कुछ करना था, जिससे द्रविड़ का विकेट गिर जाए, लेकिन मैं उस दिन के लिए द्रविड़ से माफी मांगता हूं.  भारत और बांग्लादेश के बीच लंच के दौरान जब द्रविड़ साक्षात्कार दे रहे थे, तो तो होस्ट ने बातचीत के दौरान डोनाल्ड की माफी का वीडियो द्रविड़ को दिखाया.
तब कुछ ऐसा हुआ था साल 1997 में
भारत और दक्षिण अफ्रीका साल 1997 में ट्राई सीरीज का फाइनल डरबन में खेल रहे थे. तीसरी टीम जिंबाब्वे थे.फाइनल बारिश से धुलने के बाद यह रिजर्व डे के दिन खेला गया.  पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 8 विकेट पर 278 रन बनाए. गैरी कर्स्टन ने 51 और कलिलनन ने 60, रोड्स ने 41 और कैलिस ने 49 रन बनाए थे. मैच में बारिश हो गई और भारत का लक्ष्य संशोधित होकर 40 ओवरों में 252 हो गया. गांगुली जल्द आउट हो गए, लेकिन सचिन और द्रविड़ ने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट जड़े. और इसी दौरान अपने खिलाफ एक बेहतरीन शॉट खेलने के बाद डोनाल्ड ने द्रविड़ पर अपशब्दों की बारिश कर दी. यह तो साफ नहीं हुआ कि डोनाल्ड ने क्या कहा, लेकिन द्रविड़ खासे नाराज दिखाई पड़े. द्रविड़ ने डोनाल्ड पर लांग-ऑन के ऊपर से छक्का भी जड़ा. भारत लक्ष्य से 17 रन दूर रह गया था, लेकिन राहुल मैन ऑफ द मैच बने थ.
द्रविड़ ने डोनाल्ड से कहा कि...
इंटरव्यू में डोनाल्ड का वीडियो देखने के बाद द्रविड़ ने कहा कि डोनाल्ड को उनसे बिल्कुल भी माफी मांगने की जरूरत नहीं है. भारतीय कोच ने कहा कि यह सब खेल का हिस्सा है और ऐसा होता रहता है. जब दो टीमें सर्वोच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रही होती हैं, तो ऐसा होता है. द्रविड़ कह यह कहना बताता है कि वह कितने जेंटलमैन हैं और बहुत ज्यादा हीट मोमेंट और डोनाल्ड की गलती होने के बावजूद उन्होंने ऐसा बयान दिया.

खेल /शौर्यपथ / फुटबॉल के महासमर में कदम दर कदम शहसवारों को मात देती आई मोरक्को की टीम के सामने वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में गत चैम्पियन फ्रांस की चुनौती है और इस तिलिस्म को तोड़ना उसके लिए कतई आसान नहीं होगा. ग्रुप चरण में दूसरी रैंकिंग वाली बेल्जियम के बाद यूरोपीय दिग्गज स्पेन और पुर्तगाल को नॉकआउट चरण में हराने वाली मोरक्को टीम ने अपने देश के फुटबॉल का सबसे सुनहरा अध्याय लिखा है.
वर्ल्ड कप सेमीफाइनल  में जगह बनाने वाली अफ्रीका की पहली टीम मोरक्को पर 1912 से 1956 के बीच फ्रांस का शासन रहा है लिहाजा इस मैच की सांस्कृतिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है.
फ्रांस के पास काइलियान एमबाप्पे  जैसा स्टार स्ट्राइकर है जो लियोनेल मेस्सी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे सितारों के दौर में अपनी चमक बिखेरने में कामयाब रहा है. इस वर्ल्ड कप में अब तक सर्वाधिक पांच गोल करके वह गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे है.
फ्रांसीसी मूल के मोरक्को के कोच वालिद रेग्रागुइ ने कहा, “मुझे पूछा गया था कि क्या हम वर्ल्ड कप जीत सकते हैं तो मैने कहा कि क्यो नहीं. हम सपना देख सकते हैं और सपने देखने में कोई हर्ज नहीं.”
उन्होंने कहा, “यूरोपीय देश ही वर्ल्ड कप जीतते आए हैं और हमने टॉप टीमों के खिलाफ खेला है. यह आसान नहीं था. अब हर टीम हमसे डरी हुई होगी.”
दूसरी ओर इंग्लैंड के खिलाफ कठिन क्वार्टर फाइनल मैच जीतकर यहां तक पहुंची फ्रांस के लिए मोरक्को के खिलाफ गोल करना आसान नहीं होगा. मोरक्को ने अभी तक इस वर्ल्ड कप में एक भी गोल नहीं गंवाया है. एकमात्र गोल कनाडा के खिलाफ ग्रुप चरण में आत्मघाती गोल था.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी यह मैच देखने अल बायत स्टेडियम पहुंच सकते हैं. मोरक्को के फैंस हजारों की तादाद में यहां पहुंचे हुए हैं यानी मैदान हरे और लाल रंग से भरा होगा.
फ्रांस के सेंटर बैक राफेल वराने ने कहा कि उनकी टीम आत्ममुग्धता की शिकार नहीं है और विरोधी को कतई हलके में नहीं लेगी. उन्होंने कहा, “मोरक्को यहां तक तकदीर के सहारे नहीं पहुंची है. वह शानदार टीम है और हम इस जंग के लिए तैयार हैं.”

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